चांदी में बुल रन अभी के लिए खत्म, किसी भी उछाल पर बेचने का वक्त: कुणाल शाह

शाह के अनुसार, पिछले हफ्ते की तेज गिरावट ने असल में शॉर्ट-टर्म तेजी के दौर को खत्म कर दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मांग में कमी और ज्यादा मार्जिन की जरूरतें कीमतों में किसी भी तेज उछाल को सीमित करती रहेंगी

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 6:29 PM
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कीमतों को लेकर शाह को उम्मीद है कि चांदी निचले स्तरों को टेस्ट करेगी।

चांदी में तेजी का दौर अभी के लिए खत्म हो गया है। अब किसी भी उछाल का इस्तेमाल इसे बेचने के लिए किया जाना चाहिए, खरीदने के लिए नहीं। यह बात निर्मल बंग सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटीज रिसर्च हेड कुणाल शाह ने कही है। शाह ने कहा कि बहुत ज्यादा और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव के कारण यह मेटल लगभग ट्रेड करने लायक नहीं रह गया है। उन्होंने शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर दिन के दौरान होने वाले तेज उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कहा, “इस तरह की अस्थिरता किसी ने नहीं देखी है। हर दिन 10 डॉलर का उतार-चढ़ाव होता है, जो बिल्कुल अप्रत्याशित है... यह ट्रेडर्स का बाजार नहीं है।”

शाह के अनुसार, पिछले हफ्ते की तेज गिरावट ने असल में शॉर्ट-टर्म तेजी के दौर को खत्म कर दिया है। चांदी में तेजी का दौर निश्चित तौर पर अस्थायी रूप से खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी से बचना चाहिए। यहां से हर बढ़ोतरी को बेचने के मौके के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

निचले स्तरों को टेस्ट कर सकती है चांदी


कीमतों को लेकर शाह को उम्मीद है कि चांदी निचले स्तरों को टेस्ट करेगी। हाल के ऊंचे स्तरों पर जल्दी वापसी की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, “नीचे की तरफ मुझे 65 डॉलर का लेवल दिख रहा है। ऊपर की तरफ मुझे 90 डॉलर, शायद ज्यादा से ज्यादा 95 डॉलर का लेवल दिख रहा है। साफ तौर पर राय यह है कि बढ़ोतरी पर बेचें।” शाह के मुताबिक, मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया पर यह लगभग 2 लाख रुपये या उससे भी कम होगा।

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चांदी के बजाय तांबे का इस्तेमाल कर रहे कई सोलर प्रोड्यूसर

शाह ने एक मुख्य फंडामेंटल जोखिम की ओर भी इशारा किया और वह है- औद्योगिक मांग का कमजोर होना। उनके मुताबिक, “फोटोवोल्टिक सेल में कई सोलर प्रोड्यूसर्स ने चांदी के बजाय तांबे का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। सब्स्टीट्यूशन का असर पहले ही दिखना शुरू हो गया है।” शाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांग में कमी और ज्यादा मार्जिन की जरूरतें कीमतों में किसी भी तेज उछाल को सीमित करती रहेंगी।

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