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Health Insurance में मटेरियल चेंज क्लॉज का हो रहा दुरुपयोग! पॉलिसी धारक इससे कैसे बचें?

Health Insurance की मटेरियल चेंज क्लॉज पॉलिसीधारकों को नई बीमारियों की जानकारी कंपनी को देने को कहती है, लेकिन इसका दुरुपयोग प्रीमियम बढ़ाने और कवरेज घटाने के लिए हो सकता है।

Edited By: Shradha Tulsyanअपडेटेड Nov 05, 2025 पर 6:21 PM
Health Insurance में मटेरियल चेंज क्लॉज का हो रहा दुरुपयोग! पॉलिसी धारक इससे कैसे बचें?

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में अकसर "मटेरियल चेंज क्लॉज" शामिल होती है, जो पॉलिसी धारकों से कहती है कि उन्हें अपनी सेहत में कोई बड़ा बदलाव जैसे नई बीमारी या स्वास्थ्य समस्या होने पर बीमा कंपनी को सूचित करना होगा। हालांकि यह क्लॉज कानूनी रूप से पॉलिसी में दर्ज है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से पॉलिसी धारकों को परेशानियां हो सकती हैं।

मटेरियल चेंज क्लॉज का क्या मतलब है?

इस क्लॉज के तहत यदि पॉलिसी खरीदने के बाद किसी व्यक्ति की सेहत में महत्वपूर्ण बदलाव होता है, तो उसे बीमा कंपनी को इस बात की जानकारी देनी होती है। बीमा कंपनी इस सूचना के आधार पर नवीनीकरण के समय प्रीमियम बढ़ा सकती है, कवरेज को घटा सकती है या पॉलिसी में अन्य बदलाव कर सकती है।

विशेषज्ञों और नियामकों की चिंता

जनरल इंश्योरेंस एजेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशांत म्हात्रे ने इस क्लॉज के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इसे पॉलिसीधारकों के खिलाफ इस्तेमाल करना आईआरडीएआई (बीमा नियामक) के नियमों के खिलाफ है। यदि कोई व्यक्ति बीमारी के बाद प्रीमियम बढ़ाने या कवरेज घटाने का सामना करता है, तो यह कानूनी रूप से चुनौती योग्य है।

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