Section 80G: दान देकर टैक्स बचाने का नियम बदला, अब देना होगा पक्का सबूत, जानिए पूरी डिटेल

Section 80G के तहत पहले दान के बाद चैरिटेबल संस्थान या NGO से मिला कच्चा रसीद ही काफी होता था लेकिन अब डोनेशनल सर्टिफिकेट सबमिट करने पर ही टैक्स छूट मिलेगा। नए बदलाव को अच्छी तरह समझ लीजिए ताकि आपको टैक्स नोटिस ना आए

अपडेटेड Apr 27, 2023 पर 10:11 AM
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Section 80G के नए नियम के मुताबिक, डोनेशन सर्टिफिकेट को डोनेशन का प्रूफ माना जाएगा। इसे इनकम टैक्स के पोर्टल से डाउनलोड करना होगा।

Section 80G New Rule: सरकार ने चैरिटी पर टैक्स बेनेफिट (tax benefit on donation) क्लेम करने के नियमों को सख्त बना दिया है। मान्यताप्राप्त चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस या एनजीओ को दिए गए डोनेशन पर टैक्स बेनेफिट का दावा किया जा सकता है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80G (Section 80G of Income Tax Act) के तहत यह टैक्स बेनेफिट मिलता है। अब इस सेक्शन के तहत टैक्स बेनेफिट का दावा करने के नियम को सरकार ने बदल दिया है। अब इसके लिए TDS जैसा सर्टिफिकेट जरूरी होगा। इस सर्टिफिकेट को आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल से डाउनलोड करना पड़ेगा। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है नया प्रावधान?

सेक्शन 80जी के नए प्रावधान के मुताबिक, डोनेशन सर्टिफिकेट को डोनेशन का प्रूफ माना जाएगा। इसे इनकम टैक्स के पोर्टल से डाउनलोड करना होगा। पहले डोनेशन पर टैक्स बेनेफिट क्लेम करने के लिए इस सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ती थी। यह नियम फाइनेंशियल ईर 2020-21 तक लागू था। तब जिस संस्थान को डोनेशन किया जा रहा है, उसकी तरफ से जारी की गई रसीद की मदद से टैक्स बेनेफिट का क्लेम किया जा सकता था। उसके बाद सरकार ने इस नियम को बदल दिया।


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डोनेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करना होगा

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स बेनेफिट क्लेम करने सहित दूसरे तरह के फायदे उठाने के नियमों को ऑनलाइन कर दिया है। अब सेक्शन 80जी के तहत डोनेशन पर टैक्स-बेनेफिट क्लेम करने के प्रोसेस को भी ऑनलाइन बनाया गया है। अब चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस को मिले डोनेशन को टैक्सपेयर्स की तरफ किए जाने वाले क्लेम से मैच कराया जाता है। इसके लिए चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन या एनजीओ के लिए एक फाइनेंशियल ईयर में मिले सभी डोनेशन का स्टेटमेंट इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर डालना जरूरी है। इसके अलावा उसे चैरिटी करने वाले व्यक्ति को अलग से सर्टिफिकेट जारी करना जरूरी है।

31 मई से पहले डोनेशन स्टेटमेंट फाइल करना होगा

चैरिटी लेने वाले इंस्टीट्यूशन या एनजीओ को फॉर्म 10BD में स्टेटमेंट ऑफ डोनेशन फाइल करना पड़ता है। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिकली फाइल करना जरूरी है। इसे हर फाइनेंशियल ईयर में 31 मई से पहले इंस्टीट्यूशन या एनजीओ के लिए स्टेटमेंट ऑफ डोनेशन फाइल कर देना जरूरी है।

उदाहरण की मदद से समझें

इसे हम एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप मान्यता प्राप्त एक संस्थान को 1 अगस्त, 2022 को 1 लाख रुपये का डोनेशन करते हैं। यह डोनेशन फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में किया जाता है। डोनेशन पाने वाली कंपनी को इसका स्टेटमेंट इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर 31 मई, 2023 तक कर देना होगा। जब आप फाइनेंशियल ईयर 2022-23 का अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करेंगे तो आपको डोनेशन सर्टिफिकेट के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी तरफ से दी गई जानकारी को इंस्टीट्यूशन की तरफ से फाइल किए गए स्टेटमेंट ऑफ डोनेशन से मैच कराएगा। इसके मैच करने के बाद ही टैक्स बेनेफिट का आपके क्लेम को एप्रूवल मिलेगा।

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