EPFO Alert: PF अकाउंट में छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी, तुरंत चेक करें ये डिटेल्स

EPFO Alert: अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका PF यानी प्रॉविडेंट फंड अकाउंट है तो यह खबरे आपके लिए जरूरी है। EPFO ने अपने सदस्यों को चेतावनी दी है कि वे अपने PF अकाउंट में डेट ऑफ ज्वाइनिंग और डेट ऑफ एग्जिट जरूर चेक करें

अपडेटेड Apr 08, 2026 पर 5:40 PM
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EPFO Alert: अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका PF यानी प्रॉविडेंट फंड अकाउंट है तो यह खबरे आपके लिए जरूरी है।

EPFO Alert: अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका PF यानी प्रॉविडेंट फंड अकाउंट है तो यह खबरे आपके लिए जरूरी है। EPFO ने अपने सदस्यों को चेतावनी दी है कि वे अपने PF अकाउंट में डेट ऑफ ज्वाइनिंग और डेट ऑफ एग्जिट जरूर चेक करें। इन दोनों में छोटी सी गलती भी फ्यूचर में आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। EPFO के अनुसार यह सिर्फ सामान्य जानकारी नहीं हैं, बल्कि इन्हीं के आधार पर आपके PF का पैसा, पेंशन और ब्याज तय होता है। अगर इनमें गड़बड़ी होती है, तो PF निकालने में देरी हो सकती है, पेंशन कम मिल सकती है या क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।

क्यों जरूरी हैं ये तारीखें?

डेट ऑफ ज्वाइनिंग और डेट ऑफ एग्जिट यह तय करते हैं कि आपने कितने समय तक PF में योगदान दिया है। इसी आधार पर एम्पलॉयी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत आपकी पेंशन की पात्रता भी तय होती है। इसके अलावा, आपके PF बैलेंस पर मिलने वाला ब्याज और क्लेम प्रोसेस भी इन्हीं डिटेल्स पर निर्भर करता है।


अब आसान हुआ सुधार का तरीका

अच्छी बात यह है कि EPFO ने इन डिटेल्स को अपडेट करने की प्रक्रिया को पहले से आसान बना दिया है। अब यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका UAN किस तरह से वेरिफाइड है। अगर आपका UAN आधार से लिंक और वेरिफाइड है। तो आप नाम, जन्मतिथि, जेंडर और जॉइनिंग या एग्जिट डेट जैसी जानकारी ऑनलाइन ही सुधार सकते हैं। ज्यादातर मामलों में डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, DoJ और एग्जिट डेट में बदलाव तभी होगा जब वह आपके PF योगदान रिकॉर्ड से मेल खाए। नहीं तो EPFO की मंजूरी जरूरी होगी।

अगर आपका UAN पुराना है या आंशिक रूप से वेरिफाइड है, तो बदलाव के लिए आपको अपने नियोक्ता (employer) की मंजूरी लेनी होगी और ऑनलाइन जॉइंट डिक्लेरेशन देना होगा।

वहीं, जिन मामलों में UAN आधार से लिंक नहीं है या मामला जटिल है, वहां फिजिकल जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा, जिसे नियोक्ता EPFO पोर्टल पर अपलोड करता है।

अगर कंपनी बंद हो गई हो तो क्या करें?

EPFO ने यह भी साफ किया है कि अगर आपकी कंपनी बंद हो चुकी है या नियोक्ता से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तब भी आप सुधार करा सकते हैं। इसके लिए जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर किसी अधिकृत अधिकारी से वैरिफाई कराना होगा और फिर EPFO ऑफिस में जमा करना होगा।

क्या करें अभी?

EPFO ने सभी सदस्यों को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने UAN पोर्टल में लॉगिन करके अपनी डिटेल्स चेक करें। अगर कोई गलती दिखे तो उसे तुरंत ठीक कराएं।

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