अगर आप म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में निवेश करते हैं तो आपने कई बार टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) के बारे में सुना होगा। दरअसल SEBI के नियमों के तहत एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को म्यूचुअल फंड की स्कीम के मैनेजमेंट के लिए निवेशकों से कुछ फीस वसूलने की इजाजत दी गई है। यह अमाउंट फंड के डेली नेट एसेट का कुछ फीसदी होता है। TER फंड के सालाना एसेट के फीसदी के रूप में होता है। चूंकि, ओपन-एंडेड फंड्स के एसेट में रोजाना बदलाव होता रहता है। इसलिए स्कीम की रोजाना की नेट एसेट वैल्यू के अनुपात में टीईआर होता है। हाल में सेबी ने TER में बदलाव करने का प्रस्ताव पेश किया था। उसने इस बारे में एक कंस्लटेशन पेपर जारी किया था। मई में जारी इस पेपर पर निवेशकों की राय मांगी गई थी।
