Trading Plan : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में अमेरिका-ईरान तनाव कायम, जानिए आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Nifty view : अगर Nifty 20 DEMA के नीचे बना रहता है तो 23,800–23,750 की ओर गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,अगर बाजार में उछाल आता है तो 24000 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है,जिसके बाद 24,200 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा
Nifty view : निफ्टी में मोमेंटम इंडिकेटर्स एक मिली-जुली तस्वीर पेश कर रहे हैं। जहां साप्ताहिक RSI अपनी रेफरेंस लाइन के नीचे ब्रेकडाउन के करीब है,वहीं स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर ऊपर की ओर बढ़ रहा है
Trading Plan: टेक्निकल नजरिए से देखें तो Nifty के आने वाले कारोबारी सेशन में सीमित दायरे में घूमने और निगेटिवरुझान के साथ सपाट रहने की उम्मीद है,क्योंकि यह अपने मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया है और RSI में एक बेयरिश क्रॉसओवर देखने को मिला है। इसके अलावा,डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ बातचीत रद्द किए जाने और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी रहने का असर भी बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 20 DEMA के नीचे बना रहता है तो 23,800–23,750 की ओर गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,अगर बाउंसबैक होता है तो 24,000 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,200 का लेवल अगला रेजिस्टेंस होगा। इसी तरह अगर बैंक निफ्टी शुक्रवार के निचले स्तर को बचाने में नाकाम रहता है तो 20 DEMA (55,600) पर नज़र रखनी होगी। हालांकि,ऊपर की तरफ 56,500–57,100 पर रेजिस्टेंस हो सकता है।
निफ्टी का आउटलुक और रणनीति
एंजल वन के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च हेड ओशो कृष्ण का कहना है कि तकनीकी नज़रिए से देखें तो बेंचमार्क निफ्टी 50 ने पिछले हफ्ते अपनी हालिया गिरावट का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा रिकवर करने के बाद पूरे हफ्ते हिचकिचाहट दिखाई और आखिरकार वह इस स्तर से आगे कोई टिकाऊ बढ़त बनाने में नाकाम रहा। इस ठहराव के बावजूद,चार्ट की ओवरऑल संरचना अभी भी सकारात्मक बनी हुई है,क्योंकि इंडेक्स लगातार 'हायर लो' का पैटर्न बना रहा है जो इसकी अंदरूनी मजबूती का संकेत है।
लेवल्स के लिहाज़ से 23,775 का जोन (जो 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट और क्लोजिंग बेसिस पर हाल के स्विंग लो से मेल खाता है) एक अहम सपोर्ट के तौर पर नजर आ रहा है। इस लेवल के नीचे कोई भी निर्णायक ब्रेकडाउन मौजूदा स्ट्रक्चर को बिगाड़ सकता है और मुमकिन है कि इस हफ्ते 23,550–23,150 की रेंज में बुलिश गैप का रीटेस्ट हो।
इसके अलावा,मोमेंटम के लिहाज से 14 डे RSI ने एक नेगेटिव क्रॉसओवर दर्ज किया है,जो नियर टर्म के लिए सतर्क नजरिए का संकेत है। ऊपर की ओर 24,260 (50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट) और 24,580–24,600 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के रूप में काम कर सकता है, जबकि इस रेंज से ऊपर की टिकाऊ बढ़त रैली के अगले चरण को शुरू कर सकती है।
अहम रेजिस्टेंस: 24,260, 24,580
अहम सपोर्ट: 23,775, 23,550
रणनीति: 23,700 के आसपास गिरावट पर Nifty Futures खरीदें, 23,480 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,500–24,600 के करीब मुनाफ़ा बुक करें।
एक्सिस सिक्योरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च (रिसर्च हेड) राजेश पालवीय का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच गतिरोध और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव के चलते,Nifty इस हफ़्ते 456 अंकों के नुकसान के साथ बंद हुआ। वीकली चार्ट पर इंडेक्स ने एक'बेयरिश कैंडल'बनाई है,फिर भी यह 'हायर हाई–हायर लो'का ढांचा बनाए हुए है। इससे पता चलता है कि व्यापक रुझान अभी भी सकारात्मक है। हाल की यह कमज़ोरी अप्रैल में आई लगभग 11 प्रतिशत की तेज़ी के बाद हुई 'प्रॉफिट बुकिंग' है।
तकनीकी तौर पर,24,000 के ऊपर एक निर्णायक बढ़त खरीदारी की गति को फिर से बढ़ा सकती है,जिससे इंडेक्स 24,200 (50-दिन का EMA) और 24,600 (पिछले हफ़्ते का उच्चतम स्तर) की ओर बढ़ सकता है। दूसरी ओर 23,800 के नीचे का ब्रेक 23,600 की ओर और कमज़ोरी ला सकता है, जो 20-दिन के SMA और 13 अप्रैल के स्विंग लो का संगम है। इसके बाद 23,400 (हाल की तेज़ी का 50 प्रतिशत Fibonacci retracement) का स्तर आ सकता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स एक मिली-जुली तस्वीर पेश कर रहे हैं। जहां साप्ताहिक RSI अपनी रेफरेंस लाइन के नीचे ब्रेकडाउन के करीब है,वहीं स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर ऊपर की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर,बाजार के एक सीमित दायरे में और सतर्क रुख के साथ बने रहने की संभावना है। प्रॉफिट बुकिंग और भू-राजनीतिक घटनाएं ही निकट-अवधि की दिशा तय करते रहेंगे।
अहम रेजिस्टेंस: 24,100, 24,350
अहम सपोर्ट: 23,800, 23,650
रणनीति: Nifty Futures को 24,000 के आस-पास बेचें, 24,100 का स्टॉप-लॉस रखें और 23,800–23,700 का लक्ष्य रखें।
बैंक निफ्टी :आउटलुक और पोजिशनिंग
ओशो कृष्ण का कहना है कि बैंक निफ्टी में पिछले दो हफ़्तों से जारी तेज़ी का सिलसिला पिछले हफ़्ते थम गया,क्योंकि इस रेट-सेंसिटिव इंडेक्स में कुछ प्रॉफ़िट बुकिंग देखने को मिली। आगे चलकर 57,250–57,800 के दायरे में एक मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद होने के कारण, हम अपनी पिछली राय पर कायम हैं कि अभी सावधानी बरती जाए और किसी भी तरह की आक्रामक लॉन्ग पोज़िशन लेने से बचा जाए। ऐसा तब तक किया जाना चाहिए जब तक कि हमें 57,800 के आस-पास मौजूद 'बेयरिश गैप ज़ोन' के ऊपर एक ठोस क्लोज़िंग देखने को न मिल जाए।
अहम रेजिस्टेंस: 57,250, 57,800
अहम सपोर्ट: 55,600, 54,400
रणनीति: 55,500–55,200 के आस-पास गिरावट आने पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। इसका संभावित लक्ष्य 57,000–57,250 हो सकता है और स्टॉप-लॉस 54,600 रखें।
राजेश पालवीय का कहना है कि बैंक निफ्टी में इस हफ़्ते 476 अंकों की गिरावट देखने को मिली। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने ऊपरी शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई जो 20-हफ़्ते के SMA और 57,097–57,696 के बेयरिश गैप जोन के पास बिकवाली के दबाव का संकेत देती है। तकनीकी रूप से 56,600 के ऊपर एक निर्णायक चाल नई खरीदारी को ट्रिगर कर सकती है,जिससे इंडेक्स 57,250–57,700 की ओर बढ़ सकता है।
इसके विपरीत,55500 से नीचे जाने पर 55000–54700 की ओर गिरावट का दबाव बन सकता है। आने वाले हफ़्ते में Bank Nifty के 57,700–54,700 की रेंज में हल्के पॉज़िटिव रुझान के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स एक अहम मोड़ पर हैं। RSI अपनी रेफरेंस लाइन से नीचे गिरने के करीब है। यह अप्रैल के निचले स्तर से आई 15 प्रतिशत की जोरदार तेजी के बाद प्रॉफ़िट बुकिंग या कंसोलिडेशन का संकेत हो सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 56,200, 56,600
अहम सपोर्ट: 55,700, 55,500
रणनीति: Bank Nifty Futures को 55,750 के आस-पास खरीदें, 55,500 का स्टॉप-लॉस रखें और 56,300–56,600 का लक्ष्य रखें।
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