Travel Tips: अक्सर भारतीय यात्री जब देश-विदेश घूमने की योजना बनाते हैं, तो ट्रैवल इंश्योरेंस को खरीदना जरूरी नहीं समझते। उन्हें लगता है कि यह एक महंगा खर्च है जो उनके बजट में नहीं आता। लेकिन बदलते मौसम और क्लाइमेट के कारण अब इस सोच को बदलने की जरूरत है। आज के समय में ट्रैवल इंश्योरेंस कोई लग्जरी नहीं, बल्कि एक जरूर सुरक्षा कवच बन गया है। मौसम की अनिश्चितता और सफर में होने वाली परेशानियों को देखते हुए, यात्रा से पहले एक अच्छी ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी जरूर लें। यह छोटा खर्च आपको बड़ा फायदा दे सकता है।
क्यों जरूरी है ट्रैवल इंश्योरेंस?
एक्सपर्ट का कहना है कि अब सिर्फ बीमारियों या एक्सीडेंट के लिए ही नहीं, बल्कि अचानक ट्रिप कैंसिल होने, फ्लाइट लेट होने, या सामान खोने जैसे मामलों में भी ट्रैवल इंश्योरेंस का फायदा मिलता है। इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल आर बालासुंदरम बताते हैं कि मौसम खराब होने पर फ्लाइट कैंसिल हो सकती है, लेकिन पॉलिसी मौसम को कवर नहीं करती बल्कि उसके कारण हुए ट्रिप कैंसिलेशन या डिले को कवर करती है। अगर आप किसी ट्रैवल एजेंसी के पैकेज से यात्रा कर रहे हैं और वो कैंसिल हो जाए, तो ज्यादातर पॉलिसी में उसका रिफंड नहीं मिलता।
डिजिट इंश्योरेंस के मार्केटिंग हेड विवेक चतुर्वेदी के अनुसार, बारिश या बाढ़ जैसी घटनाओं में सबसे ज़्यादा फ्लाइट डिले और ट्रिप कैंसिलेशन के क्लेम किए जाते हैं। अगर फ्लाइट देर से उड़ती है और वह इंश्योरेंस की तय लिमिट से ज्याद होती है, तो क्लेम का हक बनता है। कभी-कभी एयरपोर्ट पर एक्सीडेंट या प्राकृतिक आपदा के मामले में भी इंश्योरेंस मदद करता है।
ट्रैवल इंश्योरेंस लेते समय क्या ध्यान रखें?
आप ऐसी पॉलिसी चुनें जो सिर्फ आपकी यात्रा को ही नहीं, बल्कि आपके घर को भी कवर करे, अगर आप बाहर हैं और भारत में कोई नुकसान हो जाए। कोविड के बाद लोग अब अधिक सुरक्षित रहना चाहते हैं। अब लोग $2.5 लाख से $5 लाख तक की हाई कवरेज पॉलिसी लेना पसंद कर रहे हैं, ताकि मेडिकल खर्च, धोखाधड़ी या लास्ट-मिनट ट्रिप कैंसिलेशन से बचाव हो सके।