यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) के सब्सक्राइबर्स अपने 50 फीसदी रिटायरमेंट फंड का निवेश इक्विटी में कर सकेंगे। पेंशन फंड रेगुलेटर पीएफआरडीए ने 19 मार्च को इस स्कीम के रेगुलेशंस नोटिफाइ कर दिए हैं। इसके मुताबिक, यूपीएस के सब्सक्राइबर्स को पेंशन फंड का विकल्प भी मिलेगा। यह स्कीम 1 अप्रैल से लागू होने जा रही है।
इस स्कीम के नए रेगुलेशंस के मुताबिक, यूपीएस सब्सक्राइबर्स के पास ये विकल्प होंगे:
1. सब्सक्राइबर्स अपना 100 फीसदी पैसा सरकारी सिक्योरिटी (स्कीम जी) में निवेश कर सकेंगे।
A-कंजरवेटिव लाइफ साइकिल फंड, जिसके लिए शेयरों में मैक्सिमम निवेश की सीमा 25 फीसदी होगी (एलसी-25)
B-मॉडरेट लाइफ साइकिल फंड, जिसमें शेयरों में मैक्सिमम निवेश की सीमा 50 फीसदी (एलसी-50) होगी।
पेंशन फंड के विकल्प में बदलाव की इजाजत
PFRDA के नोटिफिकेशन में कहा गया है, "यूपीएस सब्सक्राइबर को एक वित्त वर्ष में एक बार पेंशन फंड के विकल्प में बदलाव करने की इजाजत होगी। इनवेस्टमेंट के विकल्प में वह एक वित्त वर्ष में दो बार बदलाव कर सकेगा।" यूपीएस सब्सक्राइबर्स जो पेंशन फंड और इनवेस्टमेंट पैटर्न के विकल्प का चुना करेंगे, वे सरप्लस अमाउंट के हकदार होंगे। शॉर्टफॉल की स्थिति में भी जिम्मेदारी उनके ऊपर होगी। यह सरप्लस या शॉर्टफॉल बेंचमार्क कॉर्पस के मुकाबले हो सकता है।
सरप्लस अमाउंट का कैलकुलेशन रिटायरमेंट की तारीख को
सरप्लस अमाउंट का कैलकुलेशन रिटायरमेंट या वीआरएस की तारीख पर होगा। इसका पेमेंट यूपीएस पे ऑर्डर जारी होने के बाद सब्सक्राइबर को कर दिया जाएगा। सब्सक्राइबर रिटायरमेंट से पहले शॉर्टफॉल अमाउंट को भर सकता है। अगर शॉर्टफॉल अमाउंट को भरा नहीं जाता है तो सब्सक्राइबर को रिटायरमेंट के वक्त कम पेआउट मिल सकता है। नई यूपीएस में ओल्ड पेंशन स्कीम और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) दोनों के फीचर्स शामिल हैं।
सरकार करेगी बेसिक सैलरी के 18.5% का कंट्रिब्यूशन
इस स्कीम में कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी करने वाले एंप्लॉयी को प्रति माह कम से कम 10,000 रुपये पेंशन की गारंटी होगी। यूपीएस में सरकार एंप्लॉयीज की बेसिक सैलरी का 18.5 फीसदी कंट्रिब्यूट करेगी, जबकि एंप्लॉयीज अपनी बेसिक सैलरी का 10 फीसदी कंट्रिब्यूट करेगा। एंप्लॉयीज को रिटायरमेंट पर बेसिक सैलरी का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलेगा। इसका कैलकुलेशन रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों के एवरेज बेसिक पे के आधार पर होगा।