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Union Budget 2026: ओल्ड रीजीम के टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी सौगात, सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन लिमिट बढ़ेगी

टैक्सपेयर्स डिडक्शन के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल सेक्शन 80सी का करते हैं। इस सेक्शन के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं। इनमें पीपीएफ, म्यूचुअल फंड्स की टैक्स स्कीम (ELSS), लाइफ इंश्योरेंस स्कीम शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 31, 2026 पर 8:49 PM
Union Budget 2026: ओल्ड रीजीम के टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी सौगात, सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन लिमिट बढ़ेगी
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी का परिवारों की सेविंग्स बढ़ाने में बड़ा योगदान रहा है।

ओल्ड रीजीम के टैक्सपेयर्स को यूनियन बजट 2026 में बड़ी सौगात मिलने वाली है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इसका ऐलान करेंगी। अब तक उनका फोकस इनकम टैक्स की नई रीजीम पर रहा है। इस बार वह इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने का ऐलान यूनियन बजट में करेंगी।

सेक्शन 80सी में कौन-कौन ऑप्शंस शामिल हैं?

टैक्सपेयर्स डिडक्शन के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल सेक्शन 80सी का करते हैं। इस सेक्शन के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं। इनमें पीपीएफ, म्यूचुअल फंड्स की टैक्स स्कीम (ELSS), लाइफ इंश्योरेंस स्कीम शामिल हैं। दो बच्चों के ट्यूशन फीस पर डिडक्शन भी इस सेक्शन के तहत क्लेम किया जा सकता है। होम लोन के प्रिंसिपल पर भी इस सेक्शन के तहत डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। लेकिन, ये सभी डिडक्शन इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में मिलते हैं।

अभी मैक्सिमम कितना डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं?

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