वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को यूनियन बजट पेश कर सकती हैं। हालांकि, अभी सरकार ने इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। उम्मीद है कि जल्द सरकार संसद के बजट सत्र का ऐलान कर सकती है। इसके साथ ही बजट की तारीख का भी औपचारिक ऐलान हो जाएगा। पिछले कई सालों से यूनियन बजट 1 फरवरी को पेश होता है। यूनियन बजट पर सबसे ज्यादा नजरें टैक्सपेयर्स की होती हैं। पिछले साल के बजट में टैक्स में बड़ी राहत के ऐलान से टैक्सपेयर्स की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
नई रीजीम में भी इंश्योरेंस पर डिडक्शन शुरू होने की उम्मीद
वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं। सरकार पिछले कुछ सालों से बजट में नई रीजीम को अट्रैक्टिव बढ़ाने के लिए बड़े ऐलान करती आ रही है। नई रीजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना इनकम टैक्स-फ्री है। सरकार ने पिछले साल Union Budget में इसका ऐलान किया था। नई रीजीम में टैक्स के रेट्स कम हैं। लेकिन, ज्यादातर डिडक्शन और एग्जेम्प्शंस नहीं मिलता है। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि सरकार नई रीजीम में भी टर्म लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन की इजाजत दे सकती हैं।
होम लोन पर बढ़ सकता है टैक्स बेनेफिट्स
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ सालों में नई रीजीम के इस्तेमाल में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स अभी पुरानी रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर घर खरीदने के लिए होम लोन लेने वाले लोगों को पुरानी रीजीम का इस्तेमाल फायदेमंद लगता है। इसमें होम लोन के इंटरेस्ट रीपेमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत डिडक्शन मिलता है। इसके अलावा, प्रिंसिपल के रीपेमेंट पर भी डिडक्शन मिलता है। यह सेक्शन 80 के तहत मिलता है। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि सरकार 24बी के तहत डिडक्शन की लिमिट 2 लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 3 लाख रुपये कर सकती हैं। सेक्शन 80सी की 1.5 की लिमिट भी बढ़ सकती हैं।
नौकरी करने वाले लोगों के लिए बढ़ सकता है स्टैंडर्ड डिडक्शन
सरकार ने नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी थी। लेकिन, ओल्ड रीजीम में डिडक्शन अब भी 50 लाख रुपये है। टैक्सपेयर्स का मानना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2026 में ओल्ड रीजीम में भी डिडक्शन बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर सकती हैं। पिछले कुछ सालों में महंगाई काफी बढ़ी है। ऐसे में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने से पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स को काफी फायदा होगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों को मिलता है। इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की नौकरियां शामिल हैं।
बेसिक टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट भी बढ़ सकती है
नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट ब़ढ़ने की भी उम्मीद है। अभी नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये है। सरकार इसे बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये कर सकती है। इसका मतलब है कि सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों को टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं रह जाएगी। सरकार के इस कदम से कम आय वाले लोगों को काफी फायदा होगा। इससे टैक्स कंप्लायंस में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।