Budget 2026: जानिए 2019 में निर्मला सीतारमण के पहले बजट से लेकर अब तक टैक्स की दुनिया में क्या-क्या बदला है

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी। इससे पहले पेश किए गए यूनियन बजटों में इनकम टैक्स के नियमों को आसान बनाने पर उनका काफी फोकस रहा है। इससे टैक्सपेयर्स को काफी राहत मिली है और टैक्स कंप्लायंस बढ़ा है

अपडेटेड Jan 03, 2026 पर 7:58 PM
Story continues below Advertisement
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट 5 जुलाई, 2019 को पेश किया था।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट 5 जुलाई, 2019 को पेश किया था। 1 फरवरी, 2026 को वह 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी। इस दौरान उन्होंने देश की इकोनॉमी की रफ्तार बढ़ाने, लोगों को गरीबी से निकालने और उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। साथ ही इनकम टैक्स के नियमों को आसान बनाने, कंप्लायंस बढ़ाने और टैक्सपेयर्स पर टैक्स का बोझ घटाने पर उनका लगातार फोकस रहा है।

अपने पहले बजट में घर खरीदारों के लिए बड़ा ऐलान

अपने पहले बजट में निर्मला सीतारमण ने घर खरीदारों के लिए बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने 31 मार्च, 2020 तक सैंक्शंड होम लोन के इंटरेस्ट पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये डिडक्शन का ऐलान किया था। हालांकि, यह स्कीम सिर्फ एफोर्डेबल स्कीम के लिए थी। इससे घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली थी। इंटरेस्ट पर कुल डिडक्शन बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया था। इससे घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी थी।


2020 के बजट में टैक्सपेयर्स को मिला नई रीजीम का विकल्प

वित्तमंत्री ने यूनियन बजट 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम का ऐलान किया। यह बजट उन्होंने तब पेश किया, जब कोविड की महामारी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले रही थी। शुरुआत में तो नई रीजीम में टैक्सपेयर्स की कम दिलचस्पी दिखी। लेकिन, आज ज्यादातर टैक्सपेयर्स इस रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम को भी बनाए रखा। नई रीजीम उन टैक्सपेयर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया, जो डिडक्शन और एग्जेम्प्शन का फायदा नहीं उठाते हैं। नई रीजीम में कोई डिडक्शन नहीं मिलता है। लेकिन, टैक्स के रेट्स कम हैं।

2021 में टैक्स एडिमिनिस्ट्रेशन में रिफॉर्म्स के उपाय

यूनियन बजट 2021 में वित्तमंत्री का फोकस टैक्स के नियमों को आसान बनाने पर था। इसके लिए उन्होंने बजट में फेसलेस एसेसमेंट और फेसलेस अपील की शुरुआत की। टैक्स के मामलों का इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऐलोकेशन की शुरुआत का ऐलान हुआ। इससे इनकम टैक्स सिस्टम में लोगों का भरोसा बढ़ा।

2022 में क्रिप्टोकरेंसी से हुए मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स

वित्तमंत्री ने 2022 के यूनियन बजट में वर्चु्अल डिजिटल एसेट्स से हुए मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का ऐलान किया। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसीज इंडियन टैक्स सिस्टम के दायरे में आ गई। शुरुआत में लोगों को यह टैक्स बहुत ज्यादा लगा। इसका असर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भी पड़ा। लेकिन, इसका फायदा यह हुआ कि देश में क्रिप्टो से जुड़े ट्राजेंक्शंस सरकार की नजरों में आ गए।

2023 में नई रीजीम इनकम टैक्स की डिफॉल्ट रीजीम बनी

निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में इनकम टैक्स को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने टैक्स की नई रीजीम को डिफॉल्ट रीजीम घोषित कर दिया। इसका मतलब यह है कि अगर कोई इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है तो उसके लिए यह बताना जरूरी हो गया कि वह ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है। नहीं बताने पर यह मान लिया जाता है कि इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स नई रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है।

2024 के यूनियन बजट में कैपिटल गेंस के नियमों में बदलाव

साल 2024 में लोकसभा चुनाव की वजह से पहले अंतरिम बजट आया। चुनावों के बाद फुल बजट आया। 23 जुलाई, 2024 को पेश फुल बजट में निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान इनकम टैक्स को लेकर किए। उन्होंने कैपिटल टैक्स के नियमों को आसान बनाने के लिए बड़े ऐलान किए। काफी समय से कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों को आसान बनाने की मांग चल रही थी। सरकार ने होल्डिंग पीरियड और टैक्स के रेट्स में समानता लाने की कोशिश की। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस के लिए 20 फीसदी और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर 12.5 फीसदी टैक्स का ऐलान किया। नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75000 रुपये कर दिया गया।

यह भी पढ़ें: Budget 2026: हाउसिंग फाइनेंस में रिफॉर्म्स के उपायों से घर खरीदने में बढ़ेगी लोगों की दिलचस्पी

2025 के बजट में सालाना 12 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री

टैक्सपेयर्स के लिए सबसे ज्यादा राहत का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2025 में किया। उन्होंने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री कर टैक्सपेयर्स को बड़ा तोहफा दिया। इससे नौकरी करने वाले लोगों को 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स देने की जरूरत खत्म हो गई। वित्तमंत्री ने इनकम टैक्स की नई रीजीम के स्लैब में भी बदलाव का ऐलान किया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।