Union Budget 2026: क्या इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम के बारे में बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान?

वित्तमंत्री 1 फरवरी को इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम के बारे में बड़ा एलान कर सकती हैं। निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम पेश की थी। शुरुआती सालों में इसमें टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। लेकिन, अब बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 7:07 AM
Story continues below Advertisement
सरकार ने नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं।

यूनियन बजट 2026 पेश होने में कुछ हफ्तों का समय बाकी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अगले वित्त वर्ष का बजट पेश करेंगी। वह लगातार 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी। पिछले कुछ सालों में निर्मला सीतारमण का फोकस टैक्स रिफॉर्म्स पर रहा है। इसलिए टैक्सपेयर्स की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर लगी हैं।

सरकार ने यूनियन बजट 2020 में नई रीजीम पेश की थी

कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री 1 फरवरी को इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम के बारे में बड़ा एलान कर सकती हैं। निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम पेश की थी। शुरुआती सालों में इसमें टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। लेकिन, अब बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए सरकार लगातार बड़े ऐलान करती आ रही है।


नई रीजीम में ज्यादातर डिडक्शंस नहीं मिलते हैं

नई रीजीम में इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को ज्यादातर एग्जेम्प्शंस और डिडक्शंस नहीं मिलते हैं। लेकिन, इसमें टैक्स के रेट्स कम हैं। सरकार ने नई रीजीम उन टैक्सपेयर्स को ध्यान में रखकर पेश की थी, जो डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस का फायदा नहीं उठाते हैं। उदाहरण के लिए नई रीजीम में सेक्शन 80सी, सेक्शन 80डी और सेक्सन 24बी के तहत टैक्स बेनेफिट्स क्लेम करने की इजाजत नहीं है। इन सेक्शंस के तहत टैक्स बेनेफिट्स सिर्फ इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में मिलते हैं।

नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई ऐलान 

सरकार ने नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। यूनियन बजट 2024 में नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75000 रुपये कर दिया। इससे पहले यह 50,000 रुपये था। स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों को मिलता है। सरकार ने पिछले साल यूनियन बजट में नई रीजीम में सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री कर दी। सरकार ने नई रीजीम में टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया। इससे नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़कर सालाना 4 लाख रुपये हो गई है।

नई रीजीम में बढ़ी है टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी

नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के सरकार के उपायों का असर पड़ा है। इसमें इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। एसेसमेंट ईयर 2023-24 में करीब 72 फीसदी इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स ने नई रीजीम का इस्तेमाल किया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब तो नई रीजीम का इस्तेमाल करने वाले इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स का डेटा 80 फीसदी तक पहुंच जाने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि इसमें इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ रही है।

सरकार ने पुरानी रीजीम में नहीं किया है कोई बदलाव

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने एक तरफ जहां नई रीजीम को लगातार अट्रैक्टिव बनाने की कोशिश की है, वही दूसरी तरफ उसने पुरानी रीजीम में किसी तरह का बदलाव करने से बचने की कोशिश की है। टैक्सपेयर्स लंबे समय से सेक्शन 80सी, 80डी और 24बी के तहत डिडक्शन बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। लेकिन, सरकार ने इस बारे में कोई ऐलान नहीं किया है। कुछ जानकारों का कहना है कि सरकार पुरानी रीजीम को बंद करने का ऐलान नहीं करेगी। चूंकि सरकार इसे अट्रैक्टिव बनाने के लिए कोई ऐलान नहीं कर रही है, जिससे खुद ही इसमें टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी घटती जाएगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।