UPI festive payments: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) यानी रीयल-टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम ने इस दिवाली सीजन में भी अपनी बढ़त बरकरार रखी। धनतेरस से दिवाली के बीच लेनदेन की रफ्तार हर दूसरे पेमेंट मोड से तेज रही। NPCI के डेटा से पता चलता है कि इस दौरान औसतन 737 मिलियन UPI ट्रांजेक्शन रोज हुए, जो पिछले साल के 568 मिलियन की तुलना में करीब 30% ज्यादा हैं।
चार साल में तीन गुना बढ़ा UPI
नोट: यह तुलना धनतेरस से दिवाली तक की है।
हालांकि ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू में सिर्फ 2.7% की मामूली बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब है कि अब छोटे रिटेल और व्यापारी भुगतान UPI पर ज्यादा हो रहे हैं।
ई-कॉमर्स ने कार्ड्स को मजबूत रखा
क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, खासकर ऑनलाइन शॉपिंग में। क्रेडिट कार्ड से ई-कॉमर्स पेमेंट्स में 22% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई, जबकि डेबिट कार्ड से ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन 24% घटे। इससे साफ है कि लोग अब ऑनलाइन खरीदारी के लिए क्रेडिट पर खर्च करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
लगातार दूसरे साल क्रेडिट कार्ड ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन ने PoS (पॉइंट ऑफ सेल) यानी स्वाइप ट्रांजेक्शन को पीछे छोड़ा, 4.8 मिलियन बनाम 4.2 मिलियन। यह दिखाता है कि दिवाली में ऑनलाइन शॉपिंग ने ऑफलाइन खरीदारी पर बढ़त बना ली है।
हालांकि, कुल क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन की ग्रोथ इस बार थोड़ी धीमी रही 22%, जबकि पिछले साल 25.5% थी। दूसरी तरफ, ऑफलाइन खर्च में जोरदार वापसी हुई। PoS ट्रांजेक्शन 15.6% बढ़े, जो पिछले तीन साल में सबसे तेज ग्रोथ है। पिछले साल इसी अवधि में यह 0.9% घटे थे।
क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन ट्रेंड (सालाना बदलाव %)
डेबिट कार्ड पेमेंट्स में गिरावट जारी रही। PoS ट्रांजेक्शन वॉल्यूम और वैल्यू क्रमशः 11% और 9% घटे। वहीं, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे वॉलेट और गिफ्ट कार्ड) में सबसे ज्यादा गिरावट आई। वॉल्यूम में 26% और वैल्यू में 50% से ज्यादा की। इसका मतलब है कि UPI-फर्स्ट इकोसिस्टम में अब इनकी अहमियत तेजी से घट रही है।
पिछले तीन दिवाली सीजनों में UPI ट्रांजेक्शन वॉल्यूम तीन गुना बढ़े हैं, 2022 के 245 मिलियन से बढ़कर 2025 में 737 मिलियन तक। इसी दौरान कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू दोगुने से ज्यादा होकर ₹87,569 करोड़ तक पहुंच गई।
Moneycontrol की पहले की रिपोर्ट में बताया गया था कि इस बार के फेस्टिव ई-कॉमर्स बूम को सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड्स ने बढ़ावा दिया है। इसकी वजह यह है कि Flipkart, Amazon और दूसरी ई-कॉमर्स साइट्स पर क्रेडिट कार्ड यूजर्स को ज्यादा डिस्काउंट मिल रहे थे। नवरात्र 2025 के दौरान क्रेडिट-बेस्ड ट्रांजेक्शन 26.8% बढ़े, जबकि डेबिट कार्ड पेमेंट लगातार तीसरे साल घटे और UPI की ग्रोथ थोड़ा धीमी रही।
उपभोग बढ़ाने में सरकारी मदद
सरकार को उम्मीद है कि 22 सितंबर से लागू GST रेट रेशनलाइजेशन से त्योहारी सीजन के बाद भी खर्च करने की रफ्तार बनी रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 18 अक्टूबर को कहा था, 'GST सुधारों की वजह से उपभोग में काफी बढ़ोतरी होगी। बहुत संभव है कि इस साल कुल उपभोग 10% से ज्यादा बढ़े, यानी लगभग ₹20 लाख करोड़ की अतिरिक्त खपत हो सकती है।'