UPI Payment Charge: ₹2001 का पेमेंट करते ही नहीं लगेगी फीस, समझिए ₹2000 की लिमिट का असली मतलब

UPI Payment Charge: ₹2,001 का UPI पेमेंट करते ही ग्राहक से चार्ज नहीं लिया जाएगा। P2P ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे। वहीं बड़े मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR की चर्चा है। जानिए ₹2,000 की सीमा का असली मतलब और इसका असर किस पर पड़ेगा।

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 4:12 PM
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किसी दोस्त या रिश्तेदार को ₹5,000 या ₹20,000 UPI से भेजने पर भी कोई MDR नहीं लगेगा।

UPI Payment Charge: सरकार ने साफ कर दिया है कि ₹2,000 तक का UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेगा। इस पर बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई सीधा या छिपा चार्ज नहीं लगा सकते। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि ₹2,001 का UPI पेमेंट करते ही ग्राहक से फीस वसूली जाएगी।

₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर क्या होगा?

वित्त मंत्रालय की 14 सितंबर की अधिसूचना में ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन को Payment and Settlement Systems Act की धारा 10A के तहत चार्ज से सुरक्षा दी गई है। सबसे जरूरी बात यह है कि ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर भी ग्राहक से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा।


अगर आगे चलकर बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होता है, तो ये चार्ज मर्चेंट को देना होगा। ग्राहक को नहीं। उदाहरण के लिए, आपने किसी दुकान पर ₹5,000 का सामान खरीदा तो आपको ₹5,000 ही देने होंगे। अगर भविष्य में 0.4% MDR लागू होता है और यह पेमेंट उसके दायरे में आता है, तो ₹20 की प्रोसेसिंग लागत मर्चेंट को उठानी होगी।

किसी दोस्त को ₹20,000 भेजने पर क्या होगा?

किसी दोस्त या रिश्तेदार को ₹5,000 या ₹20,000 UPI से भेजने पर भी कोई MDR नहीं लगेगा। सरकार ने कहा है कि P2P यानी पर्सन-टू-पर्सन UPI ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे। इसलिए ₹2,000 की लिमिट का ये मतलब नहीं कि किसी व्यक्ति को ₹2,001 भेजने पर चार्ज लग जाएगा।

असल चर्चा P2M यानी पर्सन-टू-मर्चेंट पेमेंट को लेकर है। यानी जब आप UPI के जरिए किसी दुकान, कंपनी या दूसरे मर्चेंट को पेमेंट करते हैं।

दुकान पर ₹5,000 का UPI पेमेंट किया तो?

अभी कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है। ₹2,000 से ज्यादा का मर्चेंट पेमेंट भविष्य में MDR के दायरे में आ सकता है। लेकिन अभी इसकी दर तय नहीं हुई है। यह भी साफ नहीं है कि किन मर्चेंट पर यह लागू होगा और कब से लागू होगा।

MDR एक तरह की पेमेंट प्रोसेसिंग फीस है। आम तौर पर इसे पेमेंट लेने वाला मर्चेंट देता है। ग्राहक से यह फीस नहीं ली जाती।

0.4% MDR की बात कहां से आई?

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने 15 सितंबर को सूत्रों के हवाले से बताया कि रेगुलेटर 0.4% चार्ज की तरफ बढ़ रहे हैं। हालांकि, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यह भी तय नहीं है कि यह फीस बैंक, पेमेंट ऐप और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच किस तरह बांटी जाएगी।

अगर भविष्य में 0.4% MDR पूरे ट्रांजैक्शन पर लागू होता है तो इसका कैलकुलेशन अलग-अलग पेमेंट पर अलग होगा। मसलन, ₹5,000 के पेमेंट पर 0.4% के हिसाब से ₹20 बैठता है। लेकिन, अभी तय नहीं है कि MDR पूरे पेमेंट पर लगेगा या सिर्फ ₹2,000 से ऊपर की रकम पर।

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