सोने में हर गिरावट को मौका मान रहे ग्राहक, शेयरों के इनवेस्टर की तरह कर रहे खरीद: Titan MD

सोने की कीमतों में फरवरी, 2026 की शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। अजॉय चावला ने माना कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है। चावला ने चेतावनी भी दी है कि कीमतों में अस्थिरता रहेगी

अपडेटेड Feb 15, 2026 पर 6:12 PM
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चावला ने पिछले दो से तीन सालों में आए उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करते हुए अंदाजा लगाने से भी सावधान किया।

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारतीय खरीदारों को प्रभावित नहीं किया है। ग्राहक अब कीमतों में गिरावट को अवसर मानकर बाजार में एंट्री कर रहे हैं, बिलकुल शेयर निवेशकों की तरह। यह बात टाइटन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) अजॉय चावला ने कही है। उन्होंने कहा कि पहले कई ग्राहक महंगी कीमतों के कारण सोना खरीदने में देरी करते थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी रणनीति बदल ली है और कीमत गिरने पर सोना खरीदना शुरू कर दिया है, बजाय इसके कि अनिश्चित समय तक इंतजार किया जाए।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चावला ने बताया, "लोगों ने लंबे समय तक इंतजार करने में नुकसान उठाया है। इसलिए अब वे कीमत में हर गिरावट का फायदा उठाकर सोने की खरीद कर रहे हैं, जैसे शेयर बाजार में करते हैं।" उन्होंने माना कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है। चावला ने कहा, "ग्राहक इसमें हिस्सा लेने की कोशिश करेंगे। जो लोग पिछड़ गए, वे अब खरीदने आएंगे।"

टाइटन की ज्वेलरी डिवीजन को इस रुझान से फायदा हुआ है। इस डिवीजन में कंपनी का प्रमुख ब्रांड तानिष्क शामिल है। प्रोडक्ट इनोवेशन और दिसंबर 2025 तिमाही की फेस्टिव डिमांड से भी इस डिवीजन को फायदा हुआ है। टाइटन का ज्वेलरी डिवीजन कंपनी में सबसे बड़ा कॉन्ट्रीब्यूटर है।


फरवरी में सोने में रहा काफी उतार-चढ़ाव

सोने की कीमतों में फरवरी, 2026 की शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 10 ग्राम के लिए कीमतें करीब 1.61 लाख रुपये तक बढ़ीं। फिर वैश्विक संकेतों और मुनाफा निकालने के कारण हाल ही में गिरावट आई। चावला के अनुसार, कई लोग जिन्होंने साल के पहले 6 महीनों में सोने की खरीद में देरी की थी, उन्होंने त्योहारी सीजन और शादी के सीजन से पहले सोना खरीदना शुरू कर दिया। उन्हें उम्मीद है कि कीमतें अब और नहीं गिरेंगी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितता ने भी सेंटिमेंट को बूस्ट करने में भूमिका निभाई।

आगे कहा कि FOMO (कुछ छूट जाने का डर) की भावना ने भी डिमांड को बढ़ाया। चावला ने कहा, "तो एक FOMO था। लोग इसमें कूद पड़े, यह कहते हुए कि बाद में पछताने से बेहतर है कि अभी खरीद लो। और मुझे लगता है कि यह जनवरी तक चलता रहा।"

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कभी-कभी चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल

चावला ने पिछले दो से तीन सालों में आए उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करते हुए अंदाजा लगाने से भी सावधान किया। उन्होंने कहा, "कभी-कभी आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि महीना कैसा जाएगा। पहला आधा हिस्सा बहुत अच्छा जा सकता है, और दूसरे आधे हिस्से में आपको थोड़ी मंदी दिखेगी, और इसका उल्टा भी हो सकता है।" चावला ने कहा, "जब हालात अच्छे हों, जब खरीदने का मौका हो, चाहे वह शादी हो या त्योहार, हमें पूरी जान लगा देनी चाहिए। इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता कि एक महीने बाद या 15 दिन बाद क्या होगा।"

चावला ने चेतावनी भी दी है कि अस्थिरता रहेगी। उन्होंने कहा, "करेक्शन होंगे, उतार-चढ़ाव होंगे, वोलैटिलिटी होगी। तो मेरा मतलब है, यह रिस्की हो सकता है, लेकिन अगर आप लंबा गेम खेल रहे हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ सकता।"

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