Wealth Building Tips: बड़ी सैलरी नहीं, ये 5 आदतें बनाएंगी आपको अमीर! CA से जानिए 'गोल्डन रूल्स'
Wealth Building Tips: अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ सैलरी बढ़ने से आप फाइनेंशियली सिक्योर हो जाएंगे, तो आप गलत हैं। सीए अखिल कंचर्ला के मुताबिक, असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कमाए हुए पैसे को कैसे मैनेज करते हैं। खर्च से पहले बचत, लाइफस्टाइल इंफ्लेशन पर कंट्रोल और अनुशासन से निवेश जैसी ये 5 आदतें आपको लंबी अवधि में अमीर बना सकती हैं। जानिए पूरा मनी मैनेजमेंट फॉर्मूला
एक्सपर्ट के मुताबिक, शेयर बाजार ऊपर जाए या नीचे, निवेश की रफ्तार रुकनी नहीं चाहिए
5 Wealth Building Money Habits: अक्सर हम सोचते हैं कि अगर हमारी सैलरी लाखों में हो जाए, तो हमारी सारी आर्थिक दिक्कतें दूर हो जाएंगी और हम रातों-रात अमीर बन जाएंगे। लेकिन कड़वा सच यह है कि केवल ज्यादा सैलरी होने से कोई अमीर नहीं बनता। अगर पैसे का सही मैनेजमेंट न हो, तो लाख रुपये कमाने वाला इंसान भी महीने के आखिर में खाली हाथ रह सकता है।
न्यूज18 तेलुगु से बातचीत में हैदराबाद स्थित 'अखिल कंचर्ला एंड एसोसिएट्स' के फाउंडर और सीए अखिल कंचर्ला ने बताया कि अमीर बनने के लिए बड़ी सैलरी से ज्यादा जरूरी आपकी 'फाइनेंशियल हैबिट्स' होती हैं। उन्होंने ऐसे 5 आसान मनी हैबिट्स शेयर किए हैं, जो आपको आर्थिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।
आइए आसान भाषा में समझते हैं इन 5 आदतों का पूरा गणित।
1. खर्च करने से पहले करें बचत
ज्यादातर लोग महीना शुरू होते ही पहले अपने सारे बिल, राशन और लग्जरी खर्च निपटाते हैं, और फिर जो बच जाता है उसे सेव करने की सोचते हैं। सीए अखिल कंचर्ला के मुताबिक यह तरीका पूरी तरह गलत है।
उन्होंने बताया कि अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख महीना है, तो सैलरी आते ही सबसे पहले ₹20,000 से ₹30,000 अपनी बचत या SIP में डाल दें। इसके बाद जो ₹70,000-₹80,000 बचें, उसी में अपना पूरा महीना चलाएं।
2. जज्बाती होकर नहीं, अनुशासित होकर करें निवेश
शेयर बाजार ऊपर जाए या नीचे, निवेश की रफ्तार रुकनी नहीं चाहिए। अमीर बनने का कोई शॉर्टकट नहीं होता; यह लंबे समय तक लगातार निवेश करने से ही संभव है।अपनी रिस्क क्षमता और लक्ष्य के हिसाब से EPF, PPF, म्यूचुअल फंड्स, NPS या बॉन्ड्स चुनें।
जब बाजार गिरता है, तो पैनिक होकर निवेश रोकना सबसे बड़ी गलती होती है। गिरावट का मतलब यह नहीं कि आपका फंड खराब हो गया है। अनुशासन के साथ बने रहना ही असली समझदारी है।
3. 'लाइफस्टाइल इंफ्लेशन' से बचें
जैसे ही हमारी सैलरी ₹50,000 से बढ़कर ₹1 लाख होती है, हम तुरंत बड़ा घर, महंगी गाड़ी, महंगे फोन और छुट्टियां प्लान करने लगते हैं। इसे 'लाइफस्टाइल इंफ्लेशन' कहते हैं।
सीए की सलाह है कि अपनी जीवनशैली सुधारना बुरी बात नहीं है, लेकिन खर्च उसी रफ्तार से न बढ़ाएं जिस रफ्तार से सैलरी बढ़ी है। अगर आपकी सैलरी ₹30,000 बढ़ती है, तो उसमें से ₹10,000 अपनी लाइफस्टाइल सुधारने पर खर्च करें और बाकी ₹20,000 को अपनी सेविंग्स या इन्वेस्टमेंट में बढ़ा दें।
4. इंश्योरेंस को सुरक्षा समझें, निवेश का जरिया नहीं
बहुत से लोग हेल्थ या लाइफ इंश्योरेंस को भी रिटर्न देने वाली स्कीम मान लेते हैं। एक मेडिकल इमरजेंसी आपकी सालों की जमा पूंजी और निवेश को एक झटके में खत्म कर सकती है। हेल्थ कवर आपको इस वित्तीय झटके से बचाता है। लाइफ इंश्योरेंस आपके परिवार को आपकी गैरमौजूदगी में आर्थिक सुरक्षा देता है।इंश्योरेंस का मुख्य मकसद जोखिम प्रबंधन है, रिटर्न कमाना नहीं।
5. साल में कम से कम एक बार करें पैसों का रिव्यू
अमीर बनने की प्रक्रिया 'एक बार निवेश करो और भूल जाओ' जैसी नहीं है। अपनी कमाई, खर्च, लोन, इंश्योरेंस और पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करना जरूरी है। जो फंड आपने 5 साल पहले चुना था, हो सकता है कि अब वह वैसा प्रदर्शन न कर रहा हो।
साल में कम से कम एक बार अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू करने से बेकार के खर्चों, खराब प्रदर्शन वाले फंड्स और टैक्स से जुड़ी गलतियों को समय रहते सुधारा जा सकता है।
सीए अखिल कंचर्ला कहते हैं, 'अमीर बनना किसी जादुई स्कीम को ढूंढने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा फाइनेंशियल सिस्टम बनाने के बारे में है जो हर महीने बिना रुके काम करे। इन 5 आदतों का निचोड़ बस इतना है- Earn, Save, Protect, Invest, Review। अगर अनुशासन नहीं है, तो आपकी सैलरी जितनी तेजी से बढ़ेगी, आपका पैसा उतनी ही तेजी से गायब भी होगा।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।