भारत में निवेश के लिहाज से कंजम्प्शन एक बड़ी थीम है। इसे ग्रोथ का इंजन कहा जा सकता है, क्योंकि इसकी जीडीपी में लगभग 60% हिस्सेदारी है। इसी बड़ी थीम का फायदा उठाने के लिए मिरै एसेट म्यूचुअल फंड ने 15 साल पहले 'मिरै एसेट ग्रेट कंज्यूमर फंड' लॉन्च किया था। इस फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है।
इस फंड का एयूएम करीब 4500 करोड़ रुपये
Mirae Asset Great Consumer Fund के फंड मैनेजर सिद्धार्थ छबड़िया ने बताया कि कैसे कंजम्प्शन सेक्टर में बदलाव आ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एक निवेशक के तौर पर आपको अपनी SIP रणनीति कैसे बनानी चाहिए। मिरै एसेट ग्रेट कंज्यूमर फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग 4,500 करोड़ रुपये है। इस फंड का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है।
10000 रुपये का सिप 15 साल में 63 लाख बना
पिछले 5 वर्षों में इसने लगभग 25% (CAGR) रिटर्न दिया है। इस फंड की शुरुआत मार्च 2011 में हुई थी। शरुआत से अब तक SIP के निवेशकों को इसने करीब 15.4 फीसदी (CAGR) रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि अगर आपने इस फंड की शुरुआत में हर महीने 10,000 रुपये सिप से निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर करीब 62.9 लाख रुपये हो गया होता।
एकमुश्त निवेशकों को भी फंड ने किया मालामाल
आपने इस फंड में शुरुआत में 10,000 रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर करीब 88,855 रुपये से ज्यादा हुआ होता। इसका मतलब है कि इस फंड के रिटर्न का कंपाउंडेड एनु्अल ग्रोथ रेट (CAGR) 15.76 फीसदी है। इस फंड ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटोमोबाइल्स, रिटेल, टेलीकॉम और एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया है।
इस फंड ने इन कंपनियों में किया ज्यादा निवेश
इस फंड के पोर्टफोलियो में Mahindra & Mahindra Ltd., Maruti Suzuki India., Titan Company Ltd और Bharti Airtel की बड़ी हिस्सेदारी है। इस फंड के फंड मैनेजर सिद्धार्थ छबड़िया का कहना है कि इस थीमैटिक फंड में निवेश करने वालों का नजरिया कम से कम 5 साल का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह फंड फिलहाल 'कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी' सेक्टर (जैसे ज्वेलरी, फैशन, रिटेल) पर ओवरवेट है। उनका मानना है कि यह सेक्टर जीडीपी की तुलना में 1.5 से 2 गुना तेजी से बढ़ सकता है।
क्विक कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पाजिटिव रुख
हालांकि, वह एफएमसीजी सेक्टर को लेकर थोड़े सतर्क हैं। इसका कारण पीक मार्जिन और बढ़ता कंपटीशन है। एफएमसीजी में वह 'पर्सनल केयर' के बजाय 'फूड' कैटेगरी पर ज्यादा पॉजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि क्विक कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फंड का रुख सकारात्मक है, क्योंकि यहां अब प्रॉफिटेबिलिटी की ओर झुकाव दिख रहा है।