किसानों और कृषि उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने एग्री क्लीनिक और बिजनेस सेंटर (एसीएबीसी) योजना चलाई है। इस योजना के तहत कृषि क्षेत्र से जुड़े बेरोजगार युवाओं को ट्रेनिंग देकर खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के तहत कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को 20 लाख रुपये तक का लोन आसानी से मिल जाता है।
एग्री क्लीनिक का मकसद किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी सेवाएं देना है। यहां खेती के एक्सपर्ट्स होते हैं जो बीज बोने, कीट नियंत्रण, फसल सुरक्षा और बाजार के हिसाब से खेती की जानकारी देते हैं।
पिछले 15 सालों से चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम
लोकल 18 से बात करते हुए नोडल अधिकारी डॉ. दीपक मेहंदी दत्त ने बताया कि "मुरादाबाद में पिछले 15 सालों से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इसमें 45 दिन का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है। सभी प्रोजेक्ट बैंकों को भेजे जा रहे हैं और जन समर्थ पोर्टल पर भी डाले जा रहे हैं। इस योजना के तहत नाबार्ड 36 से 44 प्रतिशत अनुदान देता है और बैंक 20 लाख रुपये तक का ऋण दे सकते हैं। एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस सेंटर पर किसानों और कृषि की पढ़ाई करने वाले छात्रों को यहां बिल्कुल मुफ्त में ट्रेनिंग दी जाती है।"
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना उद्देश्य
उन्होंने आगे कहा कि, "एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस सेंटर योजना कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां किसानों को सिखाया जाता है कि खेती से अच्छा मुनाफा कैसे कमाया जाए और खेती को एक सफल बिजनेस में कैसे बदला जाए। इस दौरान उन्हें बेहतर खेती और आमदनी बढ़ाने के तरीकों पर भी ट्रेनिंग दी जाती है।"
भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री क्लीनिक और बिजनेस सेंटर योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है।
यह एक सरकारी योजना है, जिसके तहत नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) द्वारा लोन दिया जाता है। इस योजना में एग्रीकल्चर से ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को शामिल किया जाता है, जिन्हें एग्रीप्रेन्योर कहा जाता है। आवेदन करने के बाद 45 दिन की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके बाद वे अपना काम शुरू कर सकते हैं। इसके तहत 20 लाख रुपये तक का लोन मिलता है, जिससे वे एग्री क्लीनिक या एग्री बिजनेस सेंटर खोल सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी को बेहतर बनाना, पैदावार बढ़ाना और युवाओं को रोजगार देना है। सरकार इस योजना पर खास ध्यान दे रही है, ताकि देश में ज्यादा से ज्यादा एग्री क्लीनिक और एग्री बिजनेस सेंटर खोले जा सकें।