रिटायरमेंट के लिए जमा किया गया पैसा अब सिर्फ फ्यूचर के लिए नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर इलाज में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसी सोच के साथ पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने जनवरी 2026 में शुरू की गई NPS स्कीम के नियमों को और अपडेट कर दिया है। PFRDA नए अपडेट को लेकर सर्कूलर 7 अप्रैल 2026 को लेकर आई है। यह फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट (PoC) के तौर पर लागू है।
क्या है NPS स्वास्थ्य स्कीम?
NPS स्वास्थ्य स्कीम एक स्वैच्छिक (voluntary) पेंशन स्कीम है, जिसमें भारत का कोई भी नागरिक शामिल हो सकता है। इस स्कीम के जरिए आप अपनी रिटायरमेंट सेविंग का एक हिस्सा जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें OPD, दवाइयां और अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शामिल हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस लेना होगा जरूरी
नई गाइडलाइंस के अनुसार इस स्कीम में हेल्थ इंश्योरेंस कवर अनिवार्य होगा। यह कवर बीमा कंपनी और IRDAI के नियमों के तहत मिलेगा। पॉलिसी की शर्तें, कवरेज, क्लेम प्रोसेस और शिकायत खत्म करे की जानकारी डिटेल मे दी जाएगी। इस इंश्योरेंस का प्रीमियम आपके NPS खाते से आंशिक निकासी के रूप में काटा जाएगा।
शुरुआत के लिए कितना निवेश जरूरी?
इस स्कीम में जुड़ने के लिए कम से कम 25,000 रुपये का शुरुआती निवेश करना होगा। इसके बाद ही आप इसके फायदे लेने के योग्य बनेंगे।
कितना पैसा निकाल सकते हैं?
सब्सक्राइबर अपने अमाउंट का 25% तक कभी भी मेडिकल जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं। खास बात यह है कि इस पर कोई वेटिंग पीरियड नहीं है और आप जरूरत के हिसाब से कई बार पैसा निकाल सकते हैं। बस पहली बार पैसा निकालने के लिए आपके खाते में कम से कम 50,000 रुपये होना जरूरी है।
इमरजेंसी में 100% पैसा निकालने की सर्विस
अगर किसी एक बार में इलाज का खर्च आपकी तय लिमिट से ज्यादा हो जाता है, तो आप पूरे 100% फंड को भी निकाल सकते हैं। यह पैसा सीधे अस्पताल या हेल्थ एडमिनिस्ट्रेटर (HBA/TPA) को भेजा जाएगा। इलाज के बाद अगर कुछ पैसा बचता है, तो वह आपके खाते में वापस आ जाएगा।
जब भी आप पैसा निकालते हैं या पूरा फंड निकालते हैं, तो वह सीधे संबंधित अस्पताल या क्लेम एडमिनिस्ट्रेटर को भेजा जाता है। भारत का कोई भी नागरिक इस स्कीम में शामिल हो सकता है। इसके लिए एक कॉमन स्कीम अकाउंट भी खोलना जरूरी है, अगर पहले से नहीं है।
निवेश और रिटर्न का क्या होगा?
इस स्कीम में जमा पैसा पेंशन फंड मैनेजर ही निवेश कर सकता है। इस पर बाजार के अनुसार रिटर्न मिलता रहता है। यानी, अगर आप पैसा नहीं निकालते हैं, तो यह आपकी रिटायरमेंट सेविंग को बढ़ाता रहेगा।