देशभर के छोटे किसान इन दिनों पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह योजना, जो 2019 में शुरू हुई, हर साल तीन बार 2000-2000 रुपये की किस्त देकर किसानों की आर्थिक मदद करती है। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हो चुकी है, अब 22वीं का समय नजदीक आ गया है। लाखों परिवार इस पैसे से बीज, खाद या घर के खर्च चलाते हैं, खासकर फरवरी-मार्च के फसल बुआई के मौसम में उनका खर्च चलता है। लेकिन इस बार फार्मर ID और e-KYC पूरा न करने पर पैसे रुक सकते हैं।
सरकार ने अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है लेकिन पिछले पैटर्न से 22वीं किस्त फरवरी 2026 के आखिर या होली (25 फरवरी से 5 मार्च) के आसपास आने की उम्मीद है। यह डिस्ट्रिब्यूशन चक्र अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च पर आधारित है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि आधार सीडेड बैंक खाते, जमीन के रिकॉर्ड और e-KYC के बिना भुगतान नहीं होगा। अगर आपका नाम लाभार्थी सूची में है लेकिन e-KYC लंबित है, तो तुरंत pmkisan.gov.in पर जाकर इसे पूरा करें। OTP आधारित या फेस ऑथेंटिकेशन से यह प्रक्रिया घर बैठे हो जाती है।
स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
1. 'Know Your Status' पर क्लिक करें।
2. आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
3. कैप्चा भरें और 'Search' दबाएं।
स्क्रीन पर आपकी पिछली किस्तें, पेंडिंग स्टेटस और e-KYC की जानकारी दिखेगी। CSC सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर पर भी मदद लें। अगर आधार लिंक नहीं है या बैंक डिटेल गलत हैं, तो 'Edit Reject Reason' से सुधार कर सकते हैं। पात्रता के लिए छोटे-सीमांत किसान होना जरूरी है – आयकर दायरे, पेंशनभोगी या बड़े जमींदार बाहर हैं।
e-KYC क्यों जरूरी और कैसे करें?
e-KYC अब अनिवार्य है ताकि फर्जी लाभार्थी रोके जा सकें। वेबसाइट पर 'e-KYC' सेक्शन में आधार डालें, OTP आएगा और फिर वेरीफाई करें। बायोमेट्रिक या फेस स्कैन का विकल्प भी है। नई रजिस्ट्रेशन वाले किसान CSC पर जाकर आवेदन करें। बजट 2026 के बाद यह किस्त तोहफे की तरह आएगी, लेकिन लापरवाही से चूक न जाएं। सरकार ने 21 किस्तों में 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा बांटे हैं, जो किसानों की जिंदगी बदलेगी। नियमित चेक करें – होली से पहले खुशखबरी मिल सकती है।
किसानों के लिए यह किस्त सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक भी है। छोटे और सीमांत किसान, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर है, इस राशि से बीज, खाद और अन्य जरूरी सामान खरीद पाते हैं। यही वजह है कि हर बार किस्त आने से पहले किसानों में उत्सुकता और उम्मीदें बढ़ जाती हैं।