9 Karat Gold: 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी पर लट्टू नई पीढ़ी, समझिए 10 ग्राम का हार बनवाने का पूरा कैलकुलेशन
9 Karat Gold: गोल्ड प्राइस लगातार बढ़ रही है। इससे ग्राहक गहनों में किफायती विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड काफी तेजी से बढ़ रही है। जानिए 10 ग्राम का हार बनवाने में कितना होगा खर्च।
9 Karat Gold: युवा पीढ़ी अब 9 कैरेट गोल्ड को फैशन ज्वेलरी के रूप में अपना रही है।
9 Karat Gold: सोने के बढ़ते दामों के बीच लोगों की गहनों को लेकर पसंद भी बदल रही है। खासकर, युवा पीढ़ी की। सोने का दाम (Gold Price Today) फिलहाल 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। ऐसे में मंहगे गहने बनवाना और उसे रोजाना पहनाना सबके बस की बात नहीं रह गई है। यह दिक्कत यंग जेनरेशन के साथ अधिक है, जो अक्सर ट्रेंडी गहने पहनना पसंद करती है। यही वजह है कि हल्के कैरेट के गोल्ड ज्वेलरी का बाजार काफी तेजी से बढ़ रहा है।
खासकर 9 कैरेट गोल्ड, जिसमें शुद्ध सोना 37.5% होता है और बाकी हिस्सा चांदी और तांबे का मिश्रण होता है। विदेश के बाद अब बड़े शहरों के ज्वेलरी स्टोर्स में ट्रेंड बना चुका है। यह ज्वेलरी किफायती होने के साथ-साथ टिकाऊ भी होती है और रोजमर्रा पहनने के लिए ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है। सबसे अच्छी बात है कि सरकार ने 9 कैरेट के गोल्ड ज्वेलरी के हॉलमार्किंग को भी मंजूरी दे दी है।
9 कैरेट गोल्ड पर क्या है एक्सपर्ट की राय
सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के एमडी और सीईओ सुवनकर सेन का कहना है कि 9 कैरेट गोल्ड की हॉलमार्किंग को मंजूरी मिलना एक बड़ा कदम है। इससे इस सेगमेंट में ज्वेलरी की डिमांड को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, '9 कैरेट में लगभग 37.5% सोना होता है, और बाकी मिश्र धातु होता है। अगर 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1 लाख प्रति 100 ग्राम है, तो 9 कैरेट की कीमत लगभग ₹3,750 से ₹3,800 प्रति ग्राम होगी।'
सेन ने कहा कि 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का बढ़ता चलन अंतरराष्ट्रीय रुझानों को दिखाता है। खासकर, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बाजारों में, जहां 9 और 10 कैरेट के आभूषण आम हैं। इस बदलाव से हीरे और जड़ाऊ आभूषण श्रेणी को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है
हालांकि, सेन ने स्पष्ट किया कि 9 कैरेट के आभूषण सोने के निवेशकों के लिए नहीं हैं। उन्होंने कहा, "यह फैंसी आभूषण और हीरे के खरीदारों के लिए है। इसे 22 कैरेट के शादी या पारंपरिक आभूषणों से अलग रखना होगा, जो महत्वपूर्ण अवसरों के लिए मानक बने हुए हैं।'
क्यों बढ़ रही 9 कैरेट गोल्ड की डिमांड
पिछले कुछ सालों में सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। ऐसे में 22 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी की कीमतें आम ग्राहकों की पहुंच से बाहर हो रही हैं। इस वजह से 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का चलन बढ़ा है। इसका सबसे बड़ा फायदा है कि यह हल्का और मजबूत होता है, साथ ही कीमत भी कम रहती है। फैशन और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए लोग 9 कैरेट की ज्वेलरी को ज्यादा चुन रहे हैं।
युवा पीढ़ी अब 9 कैरेट गोल्ड को फैशन ज्वेलरी के रूप में अपना रही है। हाई-एंड डिजाइन और ब्रांडेड स्टोर्स में यह कैटेगरी तेजी से ग्रोथ कर रही है। छोटे और हल्के हार, पेंडेंट, ब्रैसलेट और ईयररिंग्स में 9 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल बढ़ गया है क्योंकि यह महंगा दिखने के बावजूद बजट फ्रेंडली रहता है।
10 ग्राम के हार का कैलकुलेशन
केडिया फिनकॉर्प के फाउंडर नितिन केडिया 9 कैरेट गोल्ड से बनने वाले 10 ग्राम के हार की कीमत का पूरा कैलकुलेशन समझाते हैं। उनका कहना है कि 9 कैरेट के 10 ग्राम के हार में करीब 3.75 ग्राम सोना होता है। मौजूदा दरों के आधार पर सोने का मूल्य लगभग ₹37,500 बैठता है।
इसके अलावा 4 ग्राम चांदी की कीमत ₹460 और 2.25 ग्राम तांबे की कीमत ₹2.25 होती है। कुल धातु लागत ₹37,962.25 आती है। इस पर 10% मेकिंग चार्ज यानी ₹3,796.23 और 3% GST जोड़ने के बाद कुल कीमत लगभग ₹43,011 बनती है। हालांकि, सोने के भाव और डिजाइन के हिसाब से मेकिंग चार्ज में बदलाव हो सकता है।
विदेशों में पहले से है बड़ा मार्केट
ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का बड़ा मार्केट पहले से मौजूद है। भारत में यह ट्रेंड नया है लेकिन गोल्ड प्राइस महंगा होने के कारण अब यहां भी यही दिशा देखने को मिल रही है। कई ज्वेलरी ब्रांड्स ने भारत में 9 कैरेट के कलेक्शन लॉन्च किए हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि कि आने वाले समय में 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड और बढ़ेगी। खासकर उन ग्राहकों में जो पहली बार गोल्ड ज्वेलरी खरीद रहे हैं या रोजमर्रा पहनने के लिए मॉडर्न और हल्की ज्वेलरी चाहते हैं।
9 कैरेट गोल्ड की हॉलमार्किंग
सरकार ने 9 कैरेट सोने के गहनों की हॉलमार्किंग को मंजूरी दे दी है, जो जुलाई 2025 से प्रभाव में आ चुकी है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नए नियमों के तहत अब 9 कैरेट गोल्ड (375 पार्ट्स पर थाउजेंड यानी 37.5% शुद्धता) भी अनिवार्य हॉलमार्किंग की श्रेणी में आ गया है।
अब तक केवल 14K, 18K, 20K, 22K, 23K और 24K कैरेट सोने की हॉलमार्किंग ही वैध मानी जाती थी। लेकिन नए नियमों के तहत 9K को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है। BIS के अनुसार अब हॉलमार्किंग के लिए मान्यता प्राप्त ग्रेड होंगे: 24KF, 24KS, 23K, 22K, 20K, 18K, 14K और 9K।
इसके अलावा सरकार ने यह भी निर्देश जारी किया है कि सोने के सिक्के अब केवल सरकारी मिंट या अधिकृत रिफाइनरी में ही बनाए जाएंगे, जिससे उनके शुद्धता मानकों और वैधता पर भरोसा बढ़ेगा।