Mother's Day: एक मां के लिए क्यों जरूरी है हेल्थ इंश्योरेंस, मातृत्व के दौरान कैसे है मददगार

मांओं के लिए, एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान समय पर इलाज, हेल्दी लाइफस्टाइल चॉइसेज और रुटीन चेकअप्स को बढ़ावा देता है। मांएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती हैं क्योंकि वे केवल अपने बच्चों की परवरिश पर फोकस करती हैं

अपडेटेड May 11, 2025 पर 1:40 PM
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प्रेग्नेंसी से जुड़े मेडिकल बिल अक्सर लाखों में आते हैं, जिससे पूरे परिवार पर भारी-भरकम वित्तीय दबाव पड़ता है।

आज के दौर में इलाज कराना महंगा होता जा रहा है। हॉस्पिटल में एडमिट होने की नौबत, आपकी बचत पर किसी डाके से कम नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य बीमा यानि हेल्थ इंश्योरेंस अब केवल परेशानी के दौर में काम आने वाला बैकअप प्लान नहीं रह गया है, बल्कि यह सोच-समझ कर किया गया निवेश है। महिलाओं, खास कर कि मांओं के लिए फुल हेल्थ कवरेज अचानक से आ खड़े होने वाले मेडिकल खर्च के लिए एक बड़ा शॉक एब्जॉर्बर है। इसके बिना परिवार का बजट खतरे में पड़ सकता है।

एक महिला को यह कवरेज जीवन की सभी स्टेज पर मिलता है। यह प्रेगनेंसी और डिलीवरी, डिलीवरी के बाद के हेल्थ बेनिफिट्स और शुरुआती शिशु देखभाल से लेकर लॉन्ग टर्म प्लान की जरूरत पर जोर देता है।

मातृत्व के दौरान हेल्थ इंश्योरेंस महिलाओं की कैसे करता है मदद


प्रेग्नेंसी से जुड़े मेडिकल बिल अक्सर लाखों में आते हैं, जिससे पूरे परिवार पर भारी-भरकम वित्तीय दबाव पड़ता है। नेशनल हेल्थ सर्वे 5 के अनुसार, भारत में अब 21.5% बच्चे सी-सेक्शन के जरिए पैदा होते हैं, जिससे मैटरनिटी केयर की लागत बढ़ गई है। नतीजतन, अब कुल हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम्स में मैटरनिटी क्लेम्स की हिस्सेदारी लगभग 20% है। मेट्रो शहरों में सी-सेक्शन ऑपरेशन की लागत 75,000 रुपये से लेकर 2,00,000 रुपये के बीच हो सकती है। वहीं नॉर्मल डिलीवरी की लागत आमतौर पर 50,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक होती है। प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान कॉम्प्लिकेशंस होने पर ये लागत और बढ़ सकती हैं।

ऐसे वक्त में जब आपका ध्यान दुनिया में एक नई जिंदगी को लाने की खुशी पर होना चाहिए, खर्च को लेकर चिंता परेशानी की वजह न बने तो बेहतर है। इसलिए शुरुआत से ही अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनना जरूरी है, जो आपके मातृत्व और मातृत्व के बाद के खर्चों को कवर करे। यह आपको अतिरिक्त तनाव के बिना अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी का सही मायने में आनंद लेने में मदद करेगा।

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने मैटरनिटी खर्च से संबंधित बीमा कवरेज के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तैयार की है। इसमें कहा गया है कि कवरेज में प्रीनैटल यानि डिलीवरी से पहले के और डिलीवरी के बाद के मेडिकल खर्चों के साथ-साथ नवजात शिशु की देखभाल भी शामिल होनी चाहिए। इसके अलावा डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने के दौरान के मेडिकल खर्च भी कवर होने चाहिए, फिर चाहे डिलीवरी सी-सेक्शन हो या नॉर्मल।

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मांओं को करना चाहिए स्वास्थ्य में निवेश

मांएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती हैं क्योंकि वे केवल अपने बच्चों की परवरिश पर फोकस करती हैं। इसलिए परिवारों को ऐसी हेल्थ पॉलिसीज में निवेश करना चाहिए, जिनमें महिलाओं के लिए वेलनेस इंसेंटिव्स और प्रिवेंटिव जांच शामिल हों। ऐसा इंश्योरेंस प्लान चुनें, जिसमें कुछ वेलनेस बेनिफिट्स शामिल हों, जो आपके स्वास्थ्य पर नजर रखने और बीमारियों की शुरुआत को रोकने में मदद कर सकें।

उदाहरण के लिए आपको एनुअल हेल्थ चेकअप कराने चाहिए, फिट लाइफस्टाइल की ओर कदम बढ़ाना चाहिए, फिटनेस क्लासेज में भाग लेना चाहिए आदि। वेलनेस बेनिफिट्स वाले हेल्थ इंश्योरेंस प्लांस में इन गतिविधियों पर छूट भी शामिल रहती है।

ये प्रिवेंटिव एक्शन गंभीर और जानलेवा बीमारियों का जल्द पता लगाने और इलाज में मदद कर सकते हैं। ऐसे प्लान की तलाश करें, जो गंभीर बीमारी के डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट के लिए फुल कवरेज देता हो, जिससे आप वित्तीय स्थिरता के साथ अपने स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान दे सकें।

बढ़ते परिवारों के लिए फैमिली फ्लोटर प्लान

फैमिली फ्लोटर हेल्थ प्लान, परिवार के हर सदस्य को कवर करता है और हर-एक के लिए अलग-अलग प्लान खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। आपको पूरे परिवार के कवरेज के लिए सिर्फ एक प्रीमियम देना होता है। इस प्लान में आप अपने आश्रित बच्चों, जीवनसाथी और खुद को शामिल कर सकते हैं। कुछ पॉलिसी में आप भाई-बहन, ससुराल वालों और आश्रित माता-पिता को भी शामिल कर सकते हैं। मांओं के लिए इंश्योरेंस प्लान खरीदते समय, सभी पॉलिसी डॉक्युमेंट्स की अच्छी तरह से जांच करना जरूरी है। पॉलिसी के नियमों और शर्तों के बारे में ज्यादा जानने के लिए आप किसी बीमा विशेषज्ञ से भी सलाह ले सकते हैं।

इसके अलावा, ऐसे प्लान पर विचार करें जो पॉलिसी अवधि, सम इंश्योर्ड ऑप्शंस और जरूरत के हिसाब से परिवार के सदस्यों को शामिल करने के मामले में फ्लेक्सिबिलिटी की पेशकश करती हो। सबसे बड़ी बात यह कि ज्यादा बीमा राशि वाला और प्रतिस्पर्धी प्रीमियम वाला प्लान चुनें।

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हेल्थ इंश्योरेंस लेना प्यार और देख-भाल के प्रति सजगता दिखाता है क्योंकि यह परिवारों को रोजमर्रा के जीवन में सेहत को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। मांओं के लिए, एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान समय पर इलाज, हेल्दी लाइफस्टाइल चॉइसेज और रुटीन चेकअप्स को बढ़ावा देता है। इंश्योरेंस यह सुनिश्चित करता है कि परिवार के हर सदस्य का स्वास्थ्य प्राथमिकता बने, न कि बाद में पैदा होने वाली चिंता की वजह।

(इस आर्टिकल की ऑथरअनुपमा रैना, SBI General Insurance में प्रोसेस इनहैंसमेंट एंड गवर्नेंस (हेल्थ LOB) की हेड हैं।)

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