डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ वित्तीय सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता और उनकी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर कोई और लोन ले लेता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को लॉक करके रखना बेहतर है या जरूरत पड़ने पर ही अनलॉक करना चाहिए?
