रिटायरमेंट के बाद अक्सर सबसे बड़ी चिंता होती है नियमित आय का स्रोत। नौकरी या बिजनेस से मिलने वाली मासिक कमाई बंद हो जाती है, लेकिन खर्चे और जरूरतें जारी रहती हैं। ऐसे में पैसिव इनकम यानी ऐसी आय जो बिना रोजाना मेहनत किए आती रहे, बुज़ुर्गों के लिए जीवन को आसान बना सकती है। हाल ही में विशेषज्ञों ने कुछ बेहतरीन विकल्प सुझाए हैं, जिनसे रिटायरमेंट के बाद भी आर्थिक सुरक्षा और मानसिक शांति मिल सकती है।
