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आपका क्रेडिट कार्ड कैंसिल हो सकता है, भूल कर भी न करें ये गलतियां

बैंकों के एजेंट ग्राहक का क्रेडिट कार्ड बनवाने में बहुत दिलचस्पी दिखाते हैं। वे आपसे मीठी-मीठी बातें करते हैं। लेकिन, क्रेडिट कार्ड बन जाने के बाद वे कभी नजर नहीं आते। इसलिए अगर आपने क्रेडिट कार्ड बनवाया है तो आपको इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतनी होगी। यह एक फाइनेंशियल प्रोडक्ट है जिसके साथ कई रिस्क जुड़े हुए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 18, 2023 पर 2:34 PM
आपका क्रेडिट कार्ड कैंसिल हो सकता है, भूल कर भी न करें ये गलतियां
अगर आप तय समय पर बिल का पेमेंट नहीं करते हैं तो बैंक तुरंत फाइन लगा देता है। बार-बार नियमों के उल्लंघन पर बैंक आपका क्रेडिट कार्ड कैंसिल भी कर सकता है।

इंडिया में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) अभी ऐसा प्रोडक्ट है, जिसे बेचने के लिए बैंकों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। आए दिन आपको कई कॉल और मैसेज आते होंगे, जिनमें बैंक का क्रेडिट कार्ड बनवाने के ऑफर के बारे में बताया जाता होगा। उसके फायदे बताए जाते होंगे। लेकिन, क्रेडिट कार्ड के बारे में ये मीठी-मीठी बातें सिर्फ तभी तक की जाती है, जब तक आप कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर देते। एक बार क्रेडिट कार्ड बन जाने पर आपको इसके नियमों का पूरा ख्याल रखना जरूरी होता है। अगर आप तय समय पर बिल का पेमेंट नहीं करते हैं तो बैंक तुरंत फाइन लगा देता है। बार-बार नियमों के उल्लंघन पर बैंक आपका क्रेडिट कार्ड कैंसिल भी कर सकता है।

दुरुपयोग की इजाजत नहीं

कुछ साल पहले आशीष ने NPS के टियर 2 अकाउंट में हर महीने 4 लाख रुपये निवेश करना शुरू किया। वह कुछ महीने ही निवेश जारी रख सकें। एनपीएस एक रिटायरमेंट स्कीम है। इसमें निवेश पर टैक्स डिडक्शन की भी सुविधा मिलती है। इसमें दो अकाउंट होते हैं-टियर-1 और टियर-2। टियर-1 में लॉक-इन पीरियड होता है। इसका पैसा रिटायरमेंट से पहले निकाला जा सकता। एनपीएस के टियर-1 इनवेस्टर के पास एनपीएस-2 में इनवेस्ट करने का ऑप्शन होता है। इसका प्रबंधन भी टियर-1 की तरह होता है, लेकिन इसमें लॉक-इन पीरियड नहीं होता।

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