YouTube ने अपनी पेड सब्सक्रिप्शन सर्विस में जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। 5 मार्च को कंपनी ने घोषणा की कि अब उसके YouTube Music और Premium सेवाओं के सब्सक्राइबर्स की संख्या 125 मिलियन यानी 12.5 करोड़ से ज्यादा हो गई है। यह संख्या जनवरी 2024 में 100 मिलियन थी। यूट्यूब के पेड सब्सक्राइबर्स बहुत तेजी से बढ़े हैं। YouTube के ग्लोबल म्यूजिक हेड लायर कोहेन के मुताबिक हमारा टारगेट म्यूजिक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा रेवेन्यू सोर्स बनना है। YouTube अब सिर्फ विज्ञापनों से कमाई पर निर्भर नहीं रहना चाहता। यही कारण है कि वह Premium सब्सक्रिप्शन को तेजी से बढ़ावा दे रहा है। Premium Lite जैसे किफायती प्लान उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होंगे, जो सिर्फ एड फ्री एक्सपीरियंस चाहते हैं।
अब मिलेगा सस्ता Premium Lite प्लान
YouTube ने अमेरिका में Premium Lite नाम से एक नया और किफायती पेड प्लान लॉन्च किया है। इस प्लान की कीमत $7.99 (करीब ₹660) मंथली होगी। इसके तहत यूजर्स ज्यादातर वीडियो बिना एड के देख सकेंगे, लेकिन म्यूजिक वीडियो और Shorts में एड दिखाई देंगे। हालांकि, इस प्लान में बैकग्राउंड प्ले और ऑफलाइन डाउनलोड की सुविधा नहीं मिलेगी। YouTube के प्रोडक्ट मैनेजर जैक ग्रीनबर्ग के मुताबिक हमने Premium Lite को उन लोगों के लिए बनाया है जो सिर्फ वीडियो बिना विज्ञापन के देखना चाहते हैं, लेकिन अन्य प्रीमियम फीचर्स की जरूरत नहीं है।
कई देशों में जल्द लॉन्च होगा यह प्लान
YouTube ने कहा कि Premium Lite को जल्दी ही थाईलैंड, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में भी लॉन्च किया जाएगा और 2024 के अंत तक इसे और देशों में भी उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस प्लान की टेस्टिंग की, तो Lite प्लान लेने वाले ज्यादा लोग बाद में फुल YouTube Premium पर अपग्रेड कर रहे थे।
YouTube की नई कमाई की रणनीति
Google अब YouTube की कमाई को विज्ञापन से हटाकर सब्सक्रिप्शन मॉडल की तरफ बढ़ा रहा है। पिछले साल YouTube ने कई देशों में Premium की कीमतें बढ़ाईं और स्मार्ट डाउनलोड, हाई-क्वालिटी ऑडियो जैसे नए फीचर्स जोड़े। इसके अलावा अक्टूबर 2023 में YouTube ने एड-ब्लॉकर पर सख्ती कर दी थी, जिससे अब थर्ड-पार्टी ऐप्स पर भी विज्ञापन हटाने की सुविधा बंद हो गई है। Google आमतौर पर YouTube की कुल कमाई की जानकारी नहीं देता लेकिन अक्टूबर 2024 में CEO सुंदर पिचाई ने बताया था कि YouTube का सालाना रेवेन्यू पहली बार 50 बिलियन डॉलर (करीब 4.1 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया।