कई लोग कार खरीदते समय जीरो डेप्रिसिएशन (Zero Depreciation) या नॉरमल इंश्योरेंस (Nil Depreciation) इंश्योरेंस चुनते हैं। लेकिन सभी गाड़ियों के लिए यह कवर नहीं होता। अक्सर एजेंट इसकी बारीकियां ठीक से नहीं बताते, जिससे कार मालिक बाद में परेशान हेतो हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जीरो डेप्रिसिएशन और नॉरमल इंश्योरेंस पॉलिसी असल में क्या है, किसे लेनी चाहिए और इसमें क्या फायदे हैं।
जीरो डेप्रिसिएशन क्या है?
जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस एक ऐड-ऑन कवर है। इसमें आपकी गाड़ी के सभी पार्ट्स चाहे वो प्लास्टिक, रबर, फाइबर या मेटल के हों, उनकी पूरी कॉस्ट यानी कीमत पर कवर मिलता है। मतलब, एक्सीडेंट के बाद अगर कोई पार्ट बदला जाता है, तो आपको उसकी पूरी कीमत मिलेगी। जबकि नॉरमल इंश्योरेंस में इंश्योरेंस कंपनी पार्ट की उम्र देखकर पैसा देती है। गाड़ी पुरानी होने पर रकम और भी कम हो जाती है।
नॉरमल और जीरो डेप्रिसिएशन में है बड़ा फर्क
नॉरमल इंश्योरेंस – जैसे-जैसे गाड़ी पुरानी होती है, क्लेम में कटौती होती है।
जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस – गाड़ी चाहे नई हो या 5 साल पुरानी, क्लेम हमेशा पूरे दाम पर मिलेगा।लेकिन ध्यान रहे ज्यादातर कंपनियां ये कवर सिर्फ 5 साल तक की गाड़ियों को देती हैं। कुछ कंपनियां इसे 7 साल तक बढ़ाती हैं।
मान लो आपकी कार का एक्सीडेंट हो गया और तीन चीजें टूट गईं।
बम्पर – कीमत 20,000 रुपये।
नॉरमल इंश्योरेंस देगा सिर्फ 10,000 रुपये (50% कटौती)।
जीरो डेप्रिसिएशन देगा पूरे 20,000 रुपये।
साइड मिरर – कीमत 10,000 रुपये।
नॉरमल इंश्योरेंस देगा 6,000 रुपये।
जीरो डेप्रिसिएशन देगा पूरे 10,000 रुपये।
हेडलाइट – कीमत 10,000 रुपये।
नॉरमल इंश्योरेंस देगा 6,000 रुपये।
जीरो डेप्रिसिएशन देगा पूरे 10,000 रुपये।
यानी कुल नुकसान 40,000 रुपये का हुआ तो, नॉरमल इंश्योरेंस से हाथ आएंगे सिर्फ 22,000 रुपये मिलेंगे। वहीं, जीरो डेप्रिसिएशन से पूरे 40,000 रुपये मिलेंगे।
किन लोगों को लेना चाहिए ये इंश्योरेंस?
नई कार वाले क्योंकि शुरुआती सालों में कार का नुकसान ज्यादा महंगा पड़ता है। लग्जरी कार मालिक क्योंकि महंगे पार्ट्स के कारण क्लेम में कटौती भारी पड़ सकती है। जिन्हें एक्स्ट्रा खर्च पसंद नहीं हैं उन्हें भी ये लेना चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि हादसे के बाद आपकी जेब से एक रुपया भी न जाए, तो ये पॉलिसी बेहतर है।जीरो डेप्रिसिएशन पॉलिसी का प्रीमियम जरूर थोड़ा ज्यादा होता है, लेकिन ये आपको हर एक्सीडेंट पर बड़ी बचत कराती है।