ब्रोकरेज फर्म जीरोधा ने यूजर्स को बढ़ते ऑनलाइन फाइनेंशियल स्कैम से सतर्क किया है। उसने यूजर्स को एक डिटेल एडवायजरी भेजी है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि आज ज्यादातर तरह के स्कैम में एक ही तरह के पैटर्न का इस्तेमाल होता है। पहले मैसेज, फोन कॉल यह सामान्य दिखने वाले ऑफर के जरिए यूजर्स से संपर्क किया जाता है। उसके बाद उन्हें फ्रॉड का शिकार बनाया जाता है।
सावधानी बरतने वाले यूजर्स भी जाल में फंसते हैं
जीरोधा ने कहा है कि यूजर्स किसी तरह का संदेह नहीं कर पाता है। आम तौर पर सावधानी बरतने वाले भी कई यूजर्स इस जाल में फंस जाते हैं। वे डिटेल को वेरिफाय किए बगैर मांगी गई जानकारी देते देते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इस बारे में यूजर्स को सावधान करने के लिए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें बताया गया है कि स्कैम करने वाले कैस ऑपरेट करते हैं और यूजर्स किस तरह से रिस्क को कम कर सकते हैं।
फ्रॉड करने वाले यूजर्स के इमोशन से खेलते हैं
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, ज्यादातर स्कैम में यूजर्स के इमोशन के साथ खेला जाता है। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ट्रिक अर्जेंसी यानी जल्दबाजी का दिखावा करना है। इसमें यूजर्स से कहा जाता है कि उनका केवायसी एक्सपायर कर रहा है, जिससे उनका उनका अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा। दूसरा तरीका यूजर्स को डराना है। इसमें यूजर्स को ऐसे मैसेज भेजे जाते हैं, जो टैक्स नोटिस की तरह दिखते हैं। कई बार फाइनेंशियल पेनाल्टी बताकर उन्हें डराया जाता है। उन्हें जल्द एक्शन लेने के लिए कहा जाता है।
यूजर्स बेसिक वेरिफिकेशन तक करना भूल जाते हैं
जीरोधा ने यह पाया है कि यूजर्स डर जाता है और बेसिक वेरिफिकेशन तक करना भूल जाता है। इसका मतलब यह है कि वह न तो फोन नंबर चेक करता है, लिंक पर किसी तरह का संदेह नहीं करता है, पेमेंट के रिक्वेस्ट पर सवाल भी नहीं पूछता है। स्कैम करने वाले इसका फायदा उठाते हैं। खास बात यह है कि पिछले कुछ समय से स्कैम के ऐसे मामले तेजी से बढ़े हैं। कई यूजर्स तो खुद के साथ स्कैम होने की जानकारी छिपा लेते हैं।
हर उस प्रोसेस में जल्दबाजी नहींं करें जिसमें पैसे शामिल हैं
ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि ऐसे स्कैम का शिकार नहीं होने का सबसे आसान तरीका यह है कि हर उस प्रोसेस को स्लो यानी धीमा किया जाए जिसमें पैसा या सेंसेटिव जानकारी शामिल है। उसने कहा है कि कोई फाइनेंशियल इंटरमीडियरी ओटीपी, पासवर्ड, पिन और कार्ड डिटेल्स नहीं मांगती है। दूसरा, यूजर्स को सिर्फ सेबी रजिस्टर्ड इंटरमीडियरीज पर भरोसा करना है। नए फोन नंबर से आए व्हाट्सअप मैसेज, टेलीग्राम मैसेज या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आने वाले किसी मैसेज का जवाब नहीं देना है।
बाजार में बड़ी तेजी या बड़ी गिरावट आने पर बढ़ जाते हैं फ्रॉड के मामले
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम तौर पर ऐसे स्कैम तब बढ़ जाते हैं, जब शेयर बाजार में ज्यादा तेजी या ज्यादा गिरावट आती है। स्कैम करने वाले इनवेस्टर्स की खुशी और डर का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। दोनों ही स्थितियों में इनवेस्टर्स आसानी से किसी बात पर भरोसा कर लेते हैं। फ्रॉड करने वाले इसी मौके का फायदा उठाते हैं।