Get App

Adhik Maas 2026: आज से शुरू हो रहे अधिक मास में लगेगा मांगलिक कार्यों पर ब्रेक, ऐसा दुर्लभ संयोग 2037 तक फिर नहीं होगा

Adhik Maas 2026: आज से ज्येष्ठ मास में अधिक मास शुरू हो रहा है। आज से लगभग 29 दिनों के लिए मांगलिक कार्य रुक जाएंगे। इसे एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। ऐसा संयोग इसके बाद फिर 2037 में ही देखने को मिलेगा। आइए जानें इन 29 दिनों के जरूरी नियम क्या हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 17, 2026 पर 7:00 AM
Adhik Maas 2026: आज से शुरू हो रहे अधिक मास में लगेगा मांगलिक कार्यों पर ब्रेक, ऐसा दुर्लभ संयोग 2037 तक फिर नहीं होगा
ज्येष्ठ मास में अधिक मास का यह विशेष संयोग अगली बार 2037 में देखने को मिलेगा।

Adhik Maas 2026: अधिक मास का हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। इस साल हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास में अधिक मास का संयोग बना है। इसे धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार अत्यंत दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। अधिक मास में जहां शादी, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है, वहीं इस समय को पूजा-पाठ और दान के लिए बेहद अहम और पवित्र माना जाता है।

इस साल ज्येष्ठ में अधिक मास लगने की वजह से ये महीना 29 या 30 का न होकर 59 या 60 दिनों का होगा। पूजा-पाठ की दृष्टि से ज्येष्ठ माह में 2 पूर्णिमा, 2 अमावस्या, 4 एकादशी व्रत और 4 प्रदोष व्रत आएंगे। ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगने से 8 बड़े मंगल का संयोग भी बना है। आमतौर पर 4 या 5 बड़े मंगल ज्येष्ठ माह में होते हैं, लेकिन अधिक मास लगने से इस साल 8 बड़े मंगल का संयोग प्राप्त होगा। यह दुर्लभ संयोग इस साल तकरीबन 19 साल के बाद बना है।

आज से शुरू हो रहा अधिक मास

वर्ष 2026 में अधिक मास का आरंभ 17 मई से हो रहा है, जो 15 जून तक रहेगा। इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा, जो 16 से 29 जून ज्येष्ठ पूर्णिमा तक चलेगा। धार्मिक दृष्टि से यह संयोग अत्यंत दुर्लभ माना जा रहा है। ज्येष्ठ मास में अधिक मास का यह विशेष संयोग वर्षों बाद बन रहा है और अगली बार ऐसा योग वर्ष 2037 में देखने को मिलेगा।

अधिक मास में क्या करें

यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है, इसलिए इसमें उनकी पूजा सबसे जरूरी मानी जाती है। नियमित विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं। सत्यनारायण व्रत कथा सुनना या पढ़ना भी बहुत शुभ होता है।

अधिक मास में किया गया दान कई गुना फल देता है। यह सिर्फ पैसे का दान नहीं है, बल्कि भावना सबसे जरूरी होती है। आप अन्न, वस्त्र या दीप दान कर सकते हैं। जरूरतमंदों की मदद करना इस महीने का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें