Adhik Maas 2026 Upay: अधिक मास हिंदू कैलेंडर में हर तीन साल के बाद आता है। इसलिए, धार्मिक दृष्टि से इसका अहम स्थान है। अधिक मास जिस हिंदू माह में जुड़ता है, उसकी अवधि 28-30 दिन से बढ़ कर तकरीबन 59-60 दिन की हो जाती है। इस माह में दो पूर्णिमा, दो अमावस्या, चार एकादशी और चार प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस माह को धार्मिक रूप से बहुत पवित्र और पूजा-पाठ के लिए मत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह के स्वामी स्वयं सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु हैं। इसलिए इस माह में कुछ विशेष उपाय करने पर श्री हरि की कृपा प्राप्त होती है और उनके आशीर्वाद से सोई किस्मत भी जाग सकती है। आइए जानें इनके बारे में
कपूर और लौंग का उपाय : रात को सोने से पहले चांदी या मिट्टी के पात्र में थोड़ा सा कपूर और दो फूल वाली लौंग जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। अधिकमास में इस उपाय को करने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं। साथ ही इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्यार बढ़ता है और धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं।
विष्णु सहस्रनाम का पाठ : अधिकमास में रात पीले आसन पर बैठकर भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र की कम से कम तीन माला का जाप करें। अगर हो पाए, तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
अधिक मास में दीपदान : अधिकमास की रात को दीपदान करना महापुण्यदायी माना जाता है। सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर गाय के घी का एक दीपक जरूर जलाएं। इसके साथ ही तुलसी के पौधे के पास नौ बत्तियों वाला घी का दीपक जलाएं। दीपक रखते समय मन ही मन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करें। यह उपाय घर से दरिद्रता को दूर रखता है।
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