Jyeshtha Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं। इस दिन हनुमान जी पूजा करने पर विशेष लाभ प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह के मंगलवार बजरंग बली को अति प्रिय हैं, क्योंकि इस माह में उनकी अपने प्रभु श्रीराम से उनकी प्रथम भेंट हुई थी। साथ ही, यह भी माना जाता है कि इसी माह में उन्हें अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ था। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास का दुर्लभ संयोग बना है।
19 साल बाद बने इस दुर्लभ संयोग की वजह से इस साल ज्येष्ठ माह में 8 बड़े मंगल के पर्व मनाए जाएंगे। ज्येष्ठ अधिक मास की शुरुआत 17 मई 2026 से हो चुकी है। आज, यानी 19 मई, 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास का पहला बड़ा मंगल है। आज के दिन भक्त हनुमान जी के लिए व्रत करते हैं, उनका प्रिय भोग बेसन के लड्डू और केला आदि अर्पित करते हैं, मंदिरों में दीपदान करते हैं और हनुमान चालिसा, बजरंग बाण और सुंदर कांड का पाठ करते हैं।
अधिक मास के पहले बड़े मंगल का उपाय
माना जाता है कि बड़े मंगल की शाम को घर के कुछ स्थानों पर दीपक जलाकर रखने से बजरंग बली की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उनके आशीर्वाद से परिवार संकटों से मुक्त रहता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
चमेली के तेल का दीपक : बड़े मंगल की शाम को घर के मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति के सामने चमेली के तेल या फिर गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। इसमें लाल रंग की रुई की बत्ती का उपयोग करना बेहद शुभ माना गया है। इससे बजरंगबली प्रसन्न होकर साधक के सभी कष्ट हर लेते हैं और घर में सुख-समृद्धि व सकारात्मक ऊर्जा का वास आपके घर में बना रहता है।
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय : आज का दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए बहुत खास माना जाता है। आज शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जरूर जलाएं। इससे हनुमान जी के साथ-साथ साधक को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
किचन में पानी के बर्तन के पास दीपक जलाएं : बड़े मंगल की शाम किचन में पानी के बर्तन (मटके) के पास भी एक दीपक जला सकते हैं। ऐसा करने से घर में हमेशा बरकत बनी रहती है और अन्न-धन की कोई कमी नहीं होती।
घर में सुख-शांति के लिए उपाय : बड़े मंगल की शाम को घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है, नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता और सकारात्मकता ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
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