3rd Bada Mangal: भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी को भक्त वत्सल कहा जाता है। वो अपने भक्तों की हर कष्ट, संकट और दोष से रक्षा करते हैं। इसलिए उनका एक नाम संकटमोचन भी है। ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है। यूं तो इनकी पूजा हर मंगलवार को की जाती है, लेकिन ज्येष्ठ के मंगलवार का अलग महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये महीना हनुमान जी के जीवन में बेहद अहम स्थान रखता है। इस माह में उन्हें अमरता का वरदान प्राप्त हुआ था और इसी माह में उनकी अपने ईष्ट प्रभु श्रीराम से पहली भेंट हुई थी। यही वजह है कि इस पूरी महीने में हनुमान जी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त पूरे दिन उपवास करते हैं, मंदिरों में दर्शन कर प्रसाद अर्पित करते हैं और गरीब-जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं।
इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास का दुर्लभ संयोग बना है। इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इसमें 8 बड़े मंगल का संयोग बन रहा है। यह ऐसा संयोग है, जो कई वर्षों में एक बार बनता है। इसलिए इसमें मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा करनी चाहिए। इससे भक्तों के कष्ट और संकट दूर होते हैं और उन्हें दुख-दरिद्रता से भी मुक्ति मिलती है।
तीसरा बड़ा मंगल 19 मई को है।
19 मई को दोपहर 02 बजकर 18 मिनट तक तृतीया तिथि समाप्त होगी।
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
अमृत काल : रात 09 बजकर 14 मिनट से 09 बजकर 40 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04 बजकर 05 मिनट से 04 बजकर 47 मिनट तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 29 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त : शाम 07 बजकर 06 मिनट से 07 बजकर 27 मिनट तक
बड़ा मंगल पूजा सामग्री लिस्ट
हनुमान जी की मूर्ति, लाल कपड़ा, सिंदूर, चमेली का तेल, लाल चंदन, अक्षत, कलावा, गेंदे के फूलों की माला, तुलसी दल, धूपबत्ती, अगरबत्ती, बेसन के लड्डू या बूंदी, गुड़ और भुने हुए चने, रुई की बत्ती और दीपक आदि।
इस तरह करें हनुमान जी को प्रसन्न
बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से भय और संकट दूर होते हैं और हनुमान जी की कृपा बरसती है।
आपकी कुंडली में अगर मंगल ग्रह कमजोर है, तो बड़े मंगल के दिन लाल मसूर की दाल, लाल वस्त्र का दान करें। ऐसा माना जाता है कि इससे कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।