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Adhik Maas Purnima 2026: अधिक मास की पूर्णिमा की सही तारीख को लेकर हो रहा है कंफ्यूजन, यहां जानें कब होगा व्रत और क्या है मुहूर्त

Adhik Maas Purnima 2026: हिंदू धर्म में अधिक मास की पूर्णिमा को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस साल ज्येष्ठ मास में अधिक मास लगने से इस व्रत का संयोग बन रहा है, जो तीन साल में एक बार होता है। आइए जानें अधिक मास की पूर्णिमा की सही तारीख क्या है और पूजा का मुहूर्त क्या है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 28, 2026 पर 7:00 AM
Adhik Maas Purnima 2026:  अधिक मास की पूर्णिमा की सही तारीख को लेकर हो रहा है कंफ्यूजन, यहां जानें कब होगा व्रत और क्या है मुहूर्त
अधिक मास की पूर्णिमा पर पूजा, जप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।

Adhik Maas Purnima 2026: अधिक मास हर तीन साल में एक बार हिंदू कैलेंडर के किसी माह के जुड़ता है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगा है। इसकी वजह से इस साल का ज्येष्ठ माह अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें 4 एकादशी, 4 प्रदोष व्रत, 2 पूर्णिमा और 2 अमावस्या का संयोग बन रहा है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु के नाम पर दिया गया है।

ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा। इसी बीच ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा। अधिक मास स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है, इसलिए इस पूर्णिमा पर पूजा, जप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन नदी स्नान, ध्यान और भगवान विष्णु या सत्यनारायण की आराधना करना शुभ माना जाता है। लेकिन काफी संख्या में भक्त इसकी सही तारीख को लेकर कंफ्यूज हैं।

अधिक मास पूर्णिमा तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिक मास की पूर्णिमा 30 मई को सुबह 11.57 बजे से लेकर 31 मई को दोपहर 02.14 बजे तक रहेगी। ज्योतिषविदों का कहना है कि पूर्णिमा का व्रत 30 मई को रखा जाएगा और 31 मई को स्नान-दान करना उत्तम होगा।

अधिक मास की पूर्णिमा का महत्व

अधिक मास की पूर्णिमा को आध्यात्मिक महत्व ज्यादा बताया गया है। यह तिथि भगवान विष्णु और चंद्र देव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से दक्ष होता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है।

ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा पूजा विधि

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