Amalaki Ekadashi 2026 Vrat Katha: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी और रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। इस व्रत में भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इस साल ये व्रत आज किया जा रहा है। आमलकी एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु को आंवला अर्पित किया जाता है। साथ ही इस दिन भगवान शिव को उनकी नगरी काशी में अबीर, गुलाल और भस्म अर्पित कर होली पर्व की शुरुआत की जाती है। इस व्रत में यहां दी गई कथा जरूर पढ़नी या सुननी चाहिए। भगवान् श्री कृष्ण ने पद्मपुराण में इस कथा का महत्व बताया है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस एकादशी का व्रत करता है, वो विष्णु लोक को जाता है। त्रेता युग में एक बार राजा मांधाता ने ऋषि वशिष्ट से इस व्रत की कथा का महत्व बताने का अनुरोध किया था। ऋषि वशिष्ट ने कहा, वैसे तो सभी व्रत उत्तम हैं, लेकिन सबसे उत्तम है आमलकी एकादशी व्रत। इस व्रत को करने से सभी पापों का नाश होता है और एक हजार गायों के दान के बराबर फल मिलता है।
