Amarnath Yatra 2026 Registration: अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए कब शुरू होगा रजिस्ट्रेशन? जानें- यात्रा की तारीख, रूट्स समेत सभी जरूरी नियम

Amarnath Yatra 2026 Registration: पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 में फिर से शुरू होने वाली है। जम्मू और कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में लाखों भक्त हर साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाते हैं। यह तीर्थयात्रा भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्राओं में से एक है, जो भगवान शिव को समर्पित है

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 4:41 PM
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Amarnath Yatra 2026 Registration: अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होने वाला है

Amarnath Yatra 2026 Registration: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार (12 अप्रैल) को कहा कि दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगी। उपराज्यपाल ने बताया कि 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा। इस बार यात्रा की अवधि पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अधिक करीब 57 दिन की होगी। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओं के लिए न्यूनतम आयु 13 साल और अधिकतम आयु 70 वर्ष निर्धारित की गई है।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। बैंक शाखाओं के माध्यम से एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। बाकि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और एक्सिस बैंक अपनी शाखाओं के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करेंगे। पहली पूजा 19 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर की जाएगी।


रूट्स डिटेल्स

अमरनाथ यात्रा दो रूट्स से संचालित होगी। पहला अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम रूट्स है। जबकि दूसरा गांदरबल जिले का अपेक्षाकृत छोटा 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल रूट्स होगा। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को सुगम बनाने के लिए पिछले चार वर्षों में कई नई पहल शुरू की गई हैं। इनमें अनिवार्य रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (RFID) कार्ड और बीमा कवरेज शामिल हैं।

RFID कार्ड अनिवार्य कर दिए गए हैं। 100 प्रतिशत तीर्थयात्रियों को ये कार्ड जारी किए जा रहे हैं। सामूहिक दुर्घटना बीमा राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही टट्टू से श्रद्धालुओं की यात्रा कराने वालों की तीर्थयात्रा के दौरान निधन होने पर 50,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया गया है।

तीर्थयात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए दोनों यात्रा रूट्स को काफी चौड़ा किया गया है। बालटाल और नुनवान रूट्स को कई स्थानों पर लगभग 12 फुट तक चौड़ा किया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने संवेदनशील हिस्सों और पुलों में उल्लेखनीय सुधार किया है। संगठन ने वर्षों से सराहनीय रखरखाव कार्य किया है।

सुरक्षा व्यवस्था

अमरनाथ रूट्स के संवेदनशील स्थानों पर सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। यात्रा के लिए मल्टीलेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जम्मू कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। जबकि सेना सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात रहती है।

हेल्थ को लेकर गाइडलाइंस

ऊंचाई (3,800 मीटर से अधिक) को देखते हुए तीर्थयात्रियों का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। नीचे दिए गए इन बातों का रखें ध्यान:-

  • ट्रेक शुरू करने से पहले वातावरण के अनुकूल ढलना होगा।
  • आवश्यक दवाएं और गर्म कपड़े साथ रखना होगा।
  • यदि किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं, तो यात्रा करने से बचें।

आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी बड़ी बातें

अमरनाथ यात्रा को भारत में सबसे अहम हिंदू तीर्थयात्राओं में से एक माना जाता है। हर साल हजारों भक्त यह मुश्किल यात्रा करते हैं। हिमालय के इस पवित्र मंदिर में जाकर आशीर्वाद मांगते हैं। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दी से अपना प्लान तैयार कर लें। जरूरी डॉक्यूमेंट रख लें। इस मुश्किल ट्रेक के लिए शारीरिक रूप से तैयार रहें।

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