अयोध्या एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता की रोशनी से जगमगा उठी है। श्रीराम जन्मभूमि में जहां पहले से बाल स्वरूप में रामलला विराजमान हैं, वहीं अब मंदिर के प्रथम तल पर राजा राम, माता सीता और उनके दरबार का भव्य रूप विराजमान होने जा रहा है। 5 जून, गंगा दशहरा के पावन अवसर पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान से की जा रही है। इस खास दिन का इंतज़ार न सिर्फ अयोध्या, बल्कि पूरे देश को था। जैसे ही वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा होगी, मंदिर परिसर एक बार फिर आस्था की ऊर्जा से भर जाएगा।
