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Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करने जा रहे हैं, तो जरूर जान लें ये नियम और क्या हैं इसके लाभ

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह शुरू होते ही बड़े मंगल की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। इसमें सुंदर कांड का पाठ करने को अत्यंत प्रभावशली माना जाता है। अगर आप भी जान लें इससे जुड़े नियम क्या हैं और सुंदर कांड का पाठ करने से कैसे लाभ पाया जा सकता है। आइए जानें बड़े मंगल की सही तारीख

MoneyControl Newsअपडेटेड May 03, 2026 पर 7:00 AM
Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करने जा रहे हैं, तो जरूर जान लें ये नियम और क्या हैं इसके लाभ
इस बार अधिक मास होने के कारण 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बना रहा है।

Bada Mangal 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा और हनुमान जी का प्रिय महीना शुरू हो चुका है। ये ज्येष्ठ माह है और इसमें आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। बजरंगबली को समर्पित यह पर्व संकटमोचन की कृपा पाने का विशेष दिन माना जाता है। पैराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान राम की पहली बार अपने परम भक्त हनुमान से मुलाकात हुई थी। कुछ अन्य कथाओं में कहा गया है कि ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही हनुमान जी को अमरता का वरदान प्राप्त हुआ था।

यही वजह है कि इस महीने में आने वाले सभी मंगलवार शुभ और प्रभावशाली माने जाते हैं। इस दिन हनुमान जी के भक्त सुबह-सुबह मंदिरों में पहुंच कर उनके दर्शन करते हैं, चोला चढ़ाते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विशेष भोग अर्पित करते हैं। इसके अलावा बहुत से भक्त इस दिन सुंदरकांड का पाठ भी करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से कई गुना फल की प्राप्ति भी होती है। चलिए जानते हैं कि सुंदरकांड का पाठ करने से क्या फायदा मिलता है और किन नियमों का पालन करना चाहिए।

इस बार बना है 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग

इस बार अधिक मास होने के कारण 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बना रहा है। आमतौर पर बड़ा मंगल के शुभ दिन 4-5 ही होते हैं लेकिन इस बार ज्येष्ठ माह में कुल 8 मंगलवार पड़ रहे हैं। इस बार ज्येष्ठ माह 2 मई से 29 जून तक रहेगा। पहला बड़ा मंगल 5 मई को है।

बड़े मंगल पर करें सुंदरकांड का पाठ

हनुमान जी के भक्त ज्येष्ठ माह में आने वाले सभी बड़े मंगल को सुंदरकांड का पाठ करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से मन को शांति मिलती है और रोग-बाधाओं से मुक्ति मिलती है। इसके लिए हनुमान जी की मूर्ति या फोटो के सामने ध्यान लगाकर बैठ जाएं। प्रतिमा ऐसी रखें जिसमें प्रभु राम लक्ष्मण और माता सीता भी हों। उत्तर की ओर मुंह करके या पूर्व की ओर मुंह करके सुंदरकांड का पूरी श्रद्धा से रामायण के सुंदर कांड का पाठ शुरू करें। पाठ करते समय मन पूरी तरह से सात्विक, निर्मल और शुद्ध होना चाहिए।

बड़े मंगल पर सुंदरकांड पाठ का लाभ

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