Bada Mangal 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राम भक्त हनुमान को ज्येष्ठ का महीने अति प्रिय है। यूं तो हर हफ्ते मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है, लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार का अधिक महत्व है। ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। आज इसी माह का सातवां बड़ा मंगल है। आमतौर पर हर साल ज्येष्ठ माह में 4 या 5 मंगलवार आते हैं। लेकिन इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास जुड़ने से 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बना है। ज्येष्ठ अधिक मास समाप्त हो चुका है और अब शुद्ध ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष शुरू हो गया है। इस तरह आज शुद्ध ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल है, जबकि संपूर्ण ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगल है।
बड़ा मंगल का दिन हनुमान भक्तों के लिए बहुत खास माना जाता है। कई लोग शनि की साढ़ेसाती या शनि ढैय्या के प्रभाव को कम करने के लिए बड़ा मंगल का व्रत रखते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी शनि के प्रभाव को संतुलित करने में सहायता करते हैं। मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की भक्ति करने से जीवन के सभी दुख, दर्द और संकट दूर हो जाते हैं। बड़े मंगल के दिन जगह-जगह भव्य भंडारे, छबील (प्याऊ) और सुंदरकांड के पाठ का आयोजन किया जाता है। आइए जानते हैं सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।
सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, पूजा के लिए ये समय सबसे उत्तम रहेंगे
अमृत काल (सुबह का शुभ समय): सुबह 05:45 बजे से 07:25 बजे तक
संध्या आरती का समय : शाम 06:30 बजे से 07:45 बजे तक
बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम की मुलाकात अपने सबसे बड़े भक्त हनुमान जी से हुई थी। एक अन्य मान्यता यह भी है कि इसी महीने के मंगलवार को भीम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था, इसलिए इसे 'बुढ़वा मंगल' भी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है और 'मंगल दोष' से मुक्ति मिलती है।
इस दिन क्या करें और क्या न करें?
भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। राहगीरों के लिए ठंडे पानी या शरबत की व्यवस्था करें।
बड़े मंगल के दिन घर में तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन या मांस-मदिरा) का प्रयोग बिल्कुल न करें। किसी से विवाद या अपशब्द बोलने से बचें।