ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल को खासतौर पर वीर हनुमान जी को समर्पित किया गया है। इस दिन को ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहा जाता है, जो अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और सुख-शांति, समृद्धि व सकारात्मकता का प्रवेश होता है। ये दिन भक्तों के लिए एक नया आरंभ लेकर आता है, जहां वे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हनुमान जी से आशीर्वाद मांगते हैं।
इस दिन पूजा करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आने वाली बाधाओं का नाश भी होता है। इसके साथ ही बड़े मंगल की पूजा करने से परिवार में सौहार्द बढ़ता है और स्वास्थ्य लाभ भी होता है। इसलिए ये दिन सभी भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के वस्त्र पहनें। घर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव पूरी जगह करें। पूजा के लिए एक साफ वेदी पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें। हनुमान जी को लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल, तुलसी माला, लाल चोला और लड्डू चढ़ाएं। दीपक के लिए चमेली तेल का उपयोग करें। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करें। अंत में हनुमान जी की आरती से पूजा संपन्न करें।
पूजा में ध्यान रखने योग्य बातें
इस दिन तामसिक (अशुद्ध) भोजन से परहेज करें। पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें ताकि पूजा पूर्ण फलदायक हो।
हनुमान जी के प्रिय भोग और फूल
हनुमान जी को गुलाब, गेंदा और लाल रंग के फूल अत्यंत प्रिय हैं। भोग में लड्डू, इमरती, मीठा पान और गुड़-चने शामिल करें। आप घर पर बनी मिठाइयां भी भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं, जिससे हनुमान जी की कृपा बनी रहती है।
पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11:52 से 12:47 तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:38 से 3:34 तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 7:14 से 7:35 तक, और निशिता मुहूर्त रात्रि 11:59 से 12:40 तक रहेगा। इन समयों में पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है।
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें:
"ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय भक्तजनमनः कल्पनाकल्पद्रुमायं दुष्टमनोरथस्तंभनाय प्रभंजनप्राणप्रियाय महाबलपराक्रमायमहाविपत्तिनिवारणाय पुत्रपौत्रधनधान्यादिविधिसम्पत्प्रदाय रामदूताय स्वाहा।"
इस प्रकार, ज्येष्ठ मास के चौथे बड़े मंगल पर हनुमान जी की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति मिलती है। ये दिन भक्तों के लिए विशेष आशिर्वाद लेकर आता है।