Basant Panchami Pooja 2026: बसंत पंचमी को श्री पंचमी, मदनोत्सव, ऋषिपंचमी और सरस्वती पूजा भी कहा जाता है। कई पौराणिक शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि ब्रह्म देव ने माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती को प्रकट किया था। इसलिए ये दिन ज्ञान, कला और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी बहुत महत्व रखता है और मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इस बार बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, जो कि मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में इस साल की बसंत पंचमी बेहद खास होने वाली है। आज जानिए कि कल के दिन किन मंत्रों के जाप से मां सरस्वती की कृपा भक्तों को प्राप्त होगी और पूजा में कौन सी चीजें शामिल करना बहुत जरूरी है?
मां सरस्वती की पूजा बहुत ही आसानी से घर पर भी की जा सकती है। इस दिन सुबह स्नान करके पूजा घर में पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके ऊपर मां सरस्वती की मूर्ति या फिर तस्वीर को रखें। इसके बाद पीला फूल, अक्षत, सिंदूर समेत बाकी श्रृंगार की चीजें अर्पित करें। इस दिन मालपुआ का भोग लगाना काफी अच्छा माना जाता है। मालपुआ के अलावा पीले रंग की मिठाई और पकवान का भोग लगाएं। मां सरस्वती की आरती के बाद भूल-चूक के लिए माफी मांग लें। पूजा के बाद मां सरस्वती के नाम का प्रसाद लोगों में बांट दें।
या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्रवस्त्रावृता।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिः देवी सदा वन्दि ता॥
सावित्रेसरस्वती नमोऽस्तुते॥
पूजा में शामिल करें ये 3 चीजें
सरस्वती पूजा के दौरान 3 चीजों को जरूर शामिल करें। अगर आप छात्र हैं तो पूजा के दौरान अपनी किताबें, कॉपी और पेन को वहां शामिल जरूर करें। पूरी आस्था के साथ मां सरस्वती का ध्यान करनें और पढ़ाइें में अच्छे प्रदर्शन के लिए आशीर्वाद मांगें। नौकरीपेशा लोग चाहें तो पूजा के दौरान अपनी जरूरी चीजों को वहां रख सकते हैं। मां सरस्वती को विद्या और कला की देवी कहा जाता है। ऐसे में मान्यता है कि मां सरस्वती की पूजा के दिन अपने काम और पढ़ाई से जुड़ी चीजों को जरूर उनके सामने रखना चाहिए।