Chaitra Navratri Second Day: मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है नवरात्रि का दूसरा दिन, जानें इस दिन की पूजा विधि, भोग और मुहूर्त

Chaitra Navratri Second Day: चैत्र नवरात्रि का पर्व पूरे देश में आस्था और विधि-विधान से मनाया जाता है। इसके दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। आइए जानें इस साल चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का क्या मुहूर्त है, विधि और आज मां को कौन से भोग चढ़ाना चाहिए

अपडेटेड Mar 20, 2026 पर 6:30 AM
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नौ देवियों को समर्पित इस पर्व का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है।

Chaitra Navratri Second Day: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मनाए जाने वाले नवरात्रि पर्व की आज से शुरुआत हो चुकी है। ये पर्व नौ दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नौ देवियों को समर्पित इस पर्व का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। माता दुर्गा के इस स्वरूप को तप, त्याग और संयम का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि मां दुर्गा के इस रूप की पूजा करने से ज्ञान, विवेक और आत्मबल की प्राप्ति होती है।

मां के नाम में ही संयम और नियम का उल्लेख मिलता है। इसमें ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। माना जाता है कि माता के इस स्वरूप की पूजा करने से मंगल ग्रह के दोष भी दूर होते हैं। इसलिए जो जातक मंगल दोष का उपाय ढूंढ रहे हैं, उन्हें चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के इस रूप की पूजा जरूर करनी चाहिए। आइए जानें इनकी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की विधि और महत्व क्या है?

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन यानी 20 मार्च 2026 को सूर्योदय के बाद अपनी सुविधा अनुसार पूजन कर सकते हैं। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से दोपहर 12:53 तक रहेगा। इस शुभ समय में की गई प्रार्थना विशेष फलदायी मानी जाती है। इस शुभ घड़ी में की गई पूजा घर में बरकत लाती है और परिवार के सदस्यों के बीच सहजता को बढ़ावा देती है। सही मुहूर्त में मां का ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और भविष्य की चिंताओं से मुक्ति की संभावना बनती है।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि


  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सफेद या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। जिससे मन में शुद्धता और सहजता का अनुभव होगा।
  • मां की प्रतिमा के सामने घी का अखंड दीपक जलाएं और भगवान का शुक्रिया अदा करें कि उन्होंने आपको यह अवसर दिया।
  • मां को चमेली या कमल के फूल अर्पित करें, क्योंकि उन्हें सुगंधित फूल और सादगी अत्यंत प्रिय है।
  • भोग के रूप में मां को चीनी, मिश्री या पंचामृत अर्पित करें, जिससे घर में सुख-शांति और आपसी प्रेम बना रहता है।
  • पूजा में मां के मंत्रों का जाप करें। इससे मन में गहरी हो चुकी नकारात्मक ऊर्जा को दूर होगी और जीवन सुखमय होगा।
  • अंत में मां की आरती करें और अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें, ताकि पिता की संपत्ति और मान में वृद्धि हो।

मां ब्रह्मचारिणी भोग 

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में मिश्री, चीनी या शक्कर से बनी चीजों का भोग लगा सकते हैं। इससे सुख-शांति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

पूजा के बाद आरती जरूर करें

पूजा के समापन पर मां ब्रह्मचारिणी की आरती करना अनिवार्य है। सुबह की आरती पूजन के तुरंत बाद और संध्या आरती सूर्यास्त के समय करना सबसे उत्तम रहता है। आरती के समय पूरे परिवार का साथ होना आपसी तालमेल को बढ़ाता है।

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