Chhath Puja 2025 Sanyog: खरना से लेकर प्रात: अर्घ्य तक इन शुभ योगों में मनेगा छठ महापर्व

Chhath Puja 2025 Sanyog: कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लोकआस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो रही है। इस पर्व का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है और इस साल का त्योहार और भी खास होगा। नहाय-खाय से लेकर प्रात: अर्घ्य पर इस साल कई शुभ संयोगों का निर्माण हो रहा है।

अपडेटेड Oct 24, 2025 पर 1:03 PM
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इस साल छठ पूजा की शुरुआत और समापन में शुभ योग बन रहे हैं।

Chhath Puja 2025 Sanyog: कल 25 अक्टूबर से छठ महापर्व की शुरुआत हो रही है। सबसे पहले नहाय-खाय होगा और उसके बाद खरना किया जाएगा। सोमवार 27 अक्टूबर को कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। अंतिम दिन यानी सप्तमी तिथि को प्रात: अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है और इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत में साफ-सफाई और श्रद्धा का विशेष ध्यान दिया जाता है। छठ में सूर्य देव और उनकी बहन छठ माता की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव और छठ माता की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और बच्चों को अच्छी सेहत के साथ लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। इस साल छठ पूजा का व्रत बहुत खास होगा, क्योंकि इसकी शुरुआत और समापन में शुभ योग बन रहे हैं उसका फल भी व्रतियों को मिलगा।

छठ महापर्व पर दुर्लभ संयोग  

छठ महापर्व के पहले दिन शोभन योग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में बहुत ही शुभ योग माना जाता है। यह खरना तक अगले दिन रहेगा और इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि पूरे दिन रहेगा। कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन सुकर्मा और रवि योग बन रहे हैं। वहीं 28 अक्तूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के समय सुकर्मा योग तो रहेगा ही इसके बाद धृति योग भी बन रहा है। इस योग में भगवान सूर्यदेव की पूजा करने से कार्यों में सफलता मिलती है और किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आती है।

25 अक्टूबर 2025 - नहाय-खाय : छठ पूजा के पहले दिन व्रती स्नान करके चना दाल और लौकी की सब्जी का शुद्ध भोजन करते हैं। इस दिन शोभन योग बन रहा है, जिसे अधिकांश शुभ कार्यों के लिये श्रेष्ठ माना जाता है। इसकी शुरुआत सुबह 05:55 बजे होगी और समापन अक्टूबर 26 को सुबह 06:46 बजे होगा।

26 अक्टूबर 2025 – खरना : इस दिन व्रती गुड़-खीर बनाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ होता है। इस दिन सुबह 06:46 बजे तक शोभन योग रहेगा, उसके बाद सुबह 10:46 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग लग जाएगा। यह अगले दिन 27 अक्टूबर को सुबह 06:30 बजे तक रहेगा।

27 अक्टूबर 2025 - संध्या अर्घ्य : षष्ठी तिथि के दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। पंचांग के अनुसार इस दिन सुकर्मा योग लग रहा है। इसकी शुरुआत सुबह 07:27 बजे से होगी और समापन 28 अक्टूबर को सुबह 07:51 बजे होगा। सुकर्मा योग को भी अधिकांश शुभ कार्यों के लिये श्रेष्ठ माना जाता है। 27 अक्टूबर 2025 को रवि योग रात 10:46 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में यह योग दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है।


28 अक्टूबर 2025 - उषा अर्घ्य : छठ महापर्व के अंतिम दिन सप्तमी तिथि को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इसी के साथ व्रत का समापन होता है। इस दिन धृति योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सुबह 07:51 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा और उसके बाद सुबह 07:51 बजे से धृति योग लग जाएगा। धृति को अधिकांश शुभ कार्यों के लिये श्रेष्ठ माना जाता है।

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