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Ganga Dussehra 2026: दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा का पर्व, जानें क्या है दशविध दान

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। आइए इस दिन क्यों करते हैं दशविध दान और क्या है होता है यह दान

MoneyControl Newsअपडेटेड May 23, 2026 पर 7:00 AM
Ganga Dussehra 2026: दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा गंगा दशहरा का पर्व, जानें क्या है दशविध दान
यह पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है।

Ganga Dussehra 2026: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा के पर्व का अहम स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा का पर्व इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से धरती पर प्रवाहित हुई थीं। यह पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगा है। आमतौर से अधिक मास में पर्व और त्योहार नहीं किए जाते हैं, लेकिन गंगा दशहरा का पर्व अधिक मास में मनाया जा सकता है। इसलिए इस साल यह पर्व ज्येष्ठ अधिक मास की दशमी तिथि को मनाया जाएगा। साथ ही, इस दिन हस्त नक्षत्र और रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है।

संस्कृत में 'दश' का अर्थ दस और 'हरा' का अर्थ दूर करना या नष्ट करना है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से मनुष्य के 10 प्रकार के पाप (3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक) नष्ट हो जाते हैं। हरिद्वार, वाराणसी (बनारस), ऋषिकेश और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर इस दिन भव्य गंगा आरती और मेलों का आयोजन होता है, जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। इस बार का गंगा दशहरा बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग लेकर आ रहा है। इसलिए इस बार “दशविध दान” का महत्व कई गुना बढ़ गया है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस दिन श्रद्धा भाव से दान करने पर परिवार में सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।

गंगा दशहरा 2026 की सही तारीख

दशमी तिथि प्रारंभ : 25 मई 2026 को सुबह 04:30 बजे से

दशमी तिथि समाप्त : 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे तक

उदया तिथि के अनुसार गंगा स्नान, दान और पूजा मुख्य रूप से 25 मई को ही की जाएगी।

‘दशविध दान’ का क्या है?

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