Holika Dahan 2026 Date: होलिका दहन और होली के बीच लगेंगे भद्र और चंद्र ग्रहण, जानें होलिका दहन का समय और रंगों की होली का दिन

Holika Dahan 2026 Date: इस साल होलिका दहन और होली की तारीख और समय को लेकर लोग काफी भ्रम में हैं। इसका कारण दोनों के बीच पड़ रहे चंद्र ग्रहण और भद्र काल हैं। आइए जानें इस साल होलिका दहन कब किया जाएगा और रंगों का पर्व किस तारीख को मनाया जाएगा

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 9:32 PM
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फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन और चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को होली मनाते हैं।

Holika Dahan 2026 Date: होली का पर्व हिंदू धर्म का प्रमुख और बहुत बड़ा पर्व है। बुराई पर अच्छा की जीत के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व में दो दिनों का आयोजन होता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन यानी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को रंगों का पर्व होली मनाया जाता है। होली का पर्व पूरे भारत में बहुत उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस साल होलिका दहन और होली की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है, क्योंकि इन दोनों आयोजनों के बीच में भद्र काल और चंद्र ग्रहण लग रहे हैं। आइए जानें इस साल इन आयोजनों की तारीख, समय और मुहूर्त क्या रहेंगे?

कब किया जाएगा होलिका दहन?

होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होता है। होलिका दहन में भद्रा को देखना बहुत जरूरी है, क्योंकि भद्रा में होलिका दहन नहीं होता है। 2 मार्च को शाम से फाल्गुन की पूर्णिमा लग रही है, लेकिन इस दिन भद्रा भी रात तक है। इसके अगले दिन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है, चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह 9 बजे से लग जाएगा। ऐसे में ज्योतिषियों का कहना है कि भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन और रंगों की होली की तारीख को लेकर जो भ्रम है उसे पंचांग से समझा जा सकता है। वाराणसी से प्रकाशित ऋषीकेश पंचांग के अनुसार 2 मार्च को सूर्योदय 6 बजकर 16 मिनट पर होगा और शाम 5 बजकर 18 मिनट के बाद पूर्णिमा तिथि लगेगी। दूसरे दिन, यानी 3 मार्च को पूर्णिमा शाम 4 बजकर 33 मिनट तक है।

अब बात करते हैं भद्र की। ये एक अशुभ समय होता है, जिसमें कोई शुभ काम नहीं करते। भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार होलिका का पूजन और दहन पूर्णिमा कालीन भद्रा रहित समय में रात में ही किया जाएगा। इस साल भद्रा 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट से 3 मार्च को प्रात:काल 4 बजकर 56 मिनट तक है। अत: 2 मार्च को भद्रा और पूर्णिमा दोनों पूरी रात हैं। होलिका दहन भी रात के समय और पूर्णिमा तिथि पर ही किया जाता है। ऐसी स्थिति में भद्रा के पुंच्छ भाग में होलिका दहन शास्त्र सम्मत होगा। भद्रा का पुंच्छ भाग 2 मार्च को रात में 12 बजकर 50 मिनट से रात में ही 2 बजकर 2 मिनट तक है। यह समय एक घंटा 12 मिनट का है। इसी समय में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा।

चंद्रग्रहण का सूतक कब?

स्नान दान के लिए पूर्णिमा तिथि 3 मार्च है। लेकिन 3 मार्चको खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में शाम 6:00 बजे से शाम 6:48 बजे तक नजर आएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण आरंभ होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। इस दिन ग्रहण के कारण होली का पर्व नहीं मनाया जाएगा।


रंगों की होली कब होगी?

3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण इस दिन रंगों की होली नहीं खेली जाएगी। इस साल रंगों वाली होली बुधवार, 4 मार्च को सूर्योदय के बाद खेली जाएगी।

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