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Jyeshtha Month 2026: आने वाला है हनुमान भक्तों का पावन महीना ज्येष्ठ, 19 साल बाद ज्येष्ठ माह में बन रहा दुर्लभ संयोग

Jyeshtha Month 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान को समर्पित है। इस साल ज्येष्ठ के महीने में दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो हनुमान भक्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानें कब से शुरू होगा ज्येष्ठ माह और इसमें कौन सा दुर्लभ संयोग बन रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 18, 2026 पर 1:12 PM
Jyeshtha Month 2026: आने वाला है हनुमान भक्तों का पावन महीना ज्येष्ठ, 19 साल बाद ज्येष्ठ माह में बन रहा दुर्लभ संयोग
ज्येष्ठ माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है।

Jyeshtha Month 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ का होता है। इस माह में गर्मी का मौसम अपने प्रचंड रूप में होता है। हिंदू धर्म में इस माह को धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से अहम माना जाता है। यह महीना रुद्रावतार हनुमान जी को समर्पित है और इसमें पड़ने वाले सभी मंगलवार हनुमान भक्तों के लिए विशेष स्थान रखते हैं।

पंचांग के अनुसार, संवत 2083 के ज्येष्ठ माह में 32 महीनों, 16 दिन और चार घड़ी बाद अधिक मास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यानी इस साल एक नहीं दो ज्येष्ठ माह होंगे। यह खबर हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दो ज्येष्ठ पड़ने से इस साल 8 बड़े मंगल का संयोग बन रहा है। सामान्य वर्षों में जहां चार या पांच बड़े मंगल ही होते हैं, वहीं इस साल ज्येष्ठ में अधिक मास के कारण भक्तों को अतिरिक्त पुण्य अर्जित करने का अवसर मिलेगा।

कब से शुरू होगा ज्येष्ठ मास 2026

वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से होगी और यह महीना 29 जून 2026 तक चलेगा। इस बार ज्येष्ठ मास के दौरान ही अधिक मास का संयोग बन रहा है। दो ज्येष्ठ माह का यह दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद देखने को मिलेगा।

17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिक मास

अधिक मास 17 मई 2026 से प्रारंभ होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। चूंकि यह अधिक मास ज्येष्ठ माह के भीतर ही पड़ रहा है, इसलिए इसे ज्येष्ठ अधिक मास कहा जाएगा। धार्मिक दृष्टि से अधिक मास भगवान विष्णु की उपासना, दान-पुण्य, जप-तप और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

क्यों खास हैं इस बार के बड़े मंगल?

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