Kharmas 2026 End Date: हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए अच्छे मुहूर्त देखते समय जिन बातों का विचार किया जाता है, उनमें सूर्य की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। सूर्य अगर कमजोर होते हैं, यानी बृहस्पति की राशि मीन या धनु में होते हैं तो मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। इसे खरमास कहते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सूर्य हर माह राशि परिवर्तन करते हैं। इस तरह जब वह देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में गोचर करते हैं, तब उनकी ऊर्जा कमजोर होती है।
माना जाता है कि इस दौरान सूर्य और गुरु दोनों की शुभता और तेज में कमी आ जाती है। ये अवधि एक माह की होती है। इसे ही खरमास कहते हैं और इसमें शादी-विवाह, सगाई, मुंडन संस्कार, नामकरण, गृह प्रवेश समेत तमाम शुभ और मांगलिक वर्जित होते हैं। इस समय सूर्य गुरु की राशि मीन में गोचर कर रहे हैं, इसलिए इन दिनों खरमास चल रहा है।
इसलिए नहीं होते मांगलिक कार्य
विवाह जैसे मांगलिक कार्य में सूर्य और गुरु की शुभता बहुत जरूरी है। यही कारण है कि खरमास के दौरान विवाह बंद कर दिए जाते हैं। माना जाता है कि इस दौरान किए गए मांगलिक कामों का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। भारतीय संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों के बीच का संबंध ही नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच का बंधन माना जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में संपन्न हो तो वैवाहिक जीवन में शांति और सौहार्द्र बना रहता है।
खरमास के खत्म होने के बाद विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि जैसे शुभ काम 15 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे।
अप्रैल 2026 के विवाह के शुभ मुहूर्त
गृह प्रवेश - अप्रैल में गृह प्रवेश के लिए 1 ही मुहूर्त 21 अप्रैल 2026 को उपलब्ध है।