Kumbh Sankranti Upay: सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश पर होगी कुंभ संक्रांति, इस दिन ये उपाय करने से बनेंगे बिगड़े काम

Kumbh Sankranti Upay: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के किसी राशि में प्रवेश को संक्रांति कहते हैं। इस माह सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन कुछ उपाय करने से बिगड़े काम भी बन सकते हैं। आइए जानें कब है ये संक्रांति और क्या हैं ये उपाय

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 8:31 PM
Story continues below Advertisement
अब सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे तब कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी।

Kumbh Sankranti Upay: ज्योतिष शास्त्र संक्रांति को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सभी ग्रह निश्चित समय पर एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य के राशि परिवर्तन की अवधि तकरीबन 30 दिन है, यानी सूर्य किसी राशि में 30 दिन रहने के बाद दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं, उसकी संक्रांति मनाई जाती है। जैसे जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो मकर संक्रांति मनाई जाती है। उसकी तरह अब सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे तब कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी।

कब है कुंभ संक्रांति?

सूर्य देव 13 फरवरी को राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य देव इस दिन सुबह 04 बजकर 04 मिनट पर मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इसलिए 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी। इस राशि में सूर्य देव 14 मार्च तक रहेंगे।

कुंभ संक्रांति पर करें ये उपाय

शनि दोष : कुंभ संक्रांति पर तिल और गुड़ का दान बहुत फलदायी माना गया है। ऐसा करने से शनि दोष कम होता है और जीवन में चल रही परेशानियों में धीरे-धीरे राहत मिलती है।

आर्थिक तंगी : कुंभ संक्रांति पर किसी भूखे को खाना खिलाना बहुत बड़ा पुण्य माना जाता है। माना जाता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक तंगी धीरे-धीरे दूर होती है।


ग्रह दोष : कुंभ संक्रांति के दिन पानी की बर्बादी से बचना चाहिए। कुंभ राशि जल तत्व से जुड़ी है, इसलिए इस दिन जल दान से ग्रह दोष शांत होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।

सकारात्मक ऊर्जा : कुंभ संक्रांति नई सोच और बदलाव का प्रतीक है। इस दिन घर की बेकार या पुरानी चीजें दान कर दें या हटा दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

स्वास्थ्य सुधार : कुंभ संक्रांति के दिन तांबे के लोटे में साफ पानी, थोड़ा सा रोली और अक्षत डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र या ऊं सूर्याय नमः बोलें। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में स्थिरता आती है।

मन की शांति : कुंभ संक्रांति के दिन थोड़ी देर शांत बैठकर मंत्र जप या ध्यान करना बहुत लाभकारी होता है। ऊं नमः शिवाय या ऊं नमो नारायणाय जैसे सरल मंत्रों का जप करने से मन शांत होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Phulera Dooj 2026 Date: कब मनाया जाएगा फुलेरा दूज और कब कान्हा संग खेली जाएगी फूलों की होली? जानिए तारीख और मुहूर्त

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।