Phulera Dooj 2026 Date: फुलेरा दूज हिंदू धर्म की विशेष तिथियों में से एक माना जाता है। इस दिन पूरे दिन अबूध मुहूर्त यानी स्वयं सिद्ध मुहूर्त रहता है। माना जाता है कि इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती है। ये पर्व हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण के साथ फूलों की होली खेली जाती है और माना जाता है कि इस दिन से होली का पर्व शुरू हो गया है। इस साल फुलेरा दूज पर दो शुभ योग बन रहे हैं। साथ में अग्नि पंचक भी रहेगा। आइए जानें इस पर्व की तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त कब होगा?
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 18 फरवरी, बुधवार को शाम में 4 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 19 फरवरी, गुरुवार को दोपहर में 3 बजकर 58 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर फुलेरा दूज 19 फरवरी गुरुवार को है।
फुलेरा दूज में ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 05:14 से प्रात: 06:05 बजे तक रहेगा। यह समय स्नान के लिए उत्तम माना गया है। वहीं, दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक है। निशिता मुहूर्त देर रात 12:09 बजे से मध्यरात्रि 01:00 बजे तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार, फुलेरा दूज के दिन 19 फरवरी को दो शुभ योग बनेंगे। उस दिन सिद्ध योग और साध्य योग का निर्माण होगा। सिद्ध योग प्रात:काल से प्रारंभ होकर रात 08 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से साध्य योग प्रारंभ होगा, जो अगले दिन तक रहेगा। इस दिन पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र है, जो सुबह से लेकर रात 8 बजकर 52 मिनट तक है। उसके बाद से उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र है।
अग्नि पंचक के बीच में होगी फुलेरा दूज
इस साल के फुलेरा दूज पर पूरे दिन अग्नि पंचक रहेगा। यह पंचक मंगलवार को शुरू होगा और पूरे 5 दिन तक रहेगा। इस पंचक में अग्नि से भय रहता है।
फुलेरा दूज के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के साथ फूलों की होली खेलने की परंपरा है। इसके लिए कई तरह के सुगंधित फूल लाए जाते हैं। यदि आपको कोई शुभ कार्य करना है और मुहूर्त नहीं मिल रहा है तो आप फुलेरा दूज पर कर सकते हैं।