Mahashivratri Kashi Vishwanath Temple: 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए काशी में होगी ये व्यवस्था, जानें महाशिवरात्रि की तारीख और कितने घंटे मिलेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन

Mahashivratri Kashi Vishwanath Temple: महाशिवरात्रि का पर्व पूरी दुनिया में शिव भक्तों के लिए बहुत बड़ा दिन होता है। इस दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में 10 लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है। इसलिए मंदिर प्रशासन ने शांतिपूर्ण दर्शन के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की हैं। आइए जानें इनके बारे में

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 7:23 PM
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काशी विश्वनाथ मंदिर में तकरीबन 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

Mahashivratri Kashi Vishwanath Temple: महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव इसी दिन पहली बार लिंग रूप में प्रकट हुए थे। यह दिन पुरी दुनिया में शिव भक्तों के लिए बहुत खास होता है। यह दिन आसपास के छोटे शिवालयों से लेकर बड़े-बड़े ज्योतिर्लिंग में उत्सव जैसा माहौल रहता है। इस दिन बाबा विश्वनाथ की धरती काशी में भी भक्तों की खूब चहल-पहल रहती है। महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार होता है और वो दूल्हा स्वरूप में नजर आते हैं। इस साल भी वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में तकरीबन 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने कई तरह की व्यवस्था की है। आइए जानें इनके बारे में और कब मनाया जाएगा माशिवरात्रि का पर्व?

कब है महाशिवरात्रि का?

इस साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5:06 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 5:35 बजे समाप्त होगी। इस कारण, महाशिवरात्रि 15 फरवरी को त्रयोदशी-युक्त चतुर्दशी के साथ मनाई जाएगी।

10 लाख श्रद्धालु करेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन

इस साल बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने लगभग 10 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर में इन श्रद्धालुओं का स्वागत भी खास तरीके से किया जाएगा। धाम में शिवभक्तों पर फूल भी बरसाए जाएंगे। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ अन्य आला अफसर इसकी कमान संभालेंगे।


पूरी रात जागेंगे बाबा विश्वनाथ, 36 घंटे लगातार होंगे दर्शन

बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती 15 फरवरी को प्रातः काल 2 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगी और 3 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। इसके बाद 3 बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए बाबा का कपाट खोला जाएगा। इसके बाद अनवरत दर्शन का दौर जारी रहेगा। अनवरत दर्शन के बाद 16 फरवरी की रात 11 बजे बाबा विश्वनाथ का कपाट शयन आरती के बाद बंद होगा। महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों के लिए पूरी रात जगेंगे और लगातार 36 घण्टे से ज्यादा देर तक दर्शन का क्रम जारी रहेगा।

गर्भ ग्रह में प्रवेश की इजाजत नहीं, झांकी दर्शन की व्यवस्था

काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर 5 प्रवेश द्वार से भक्तों को धाम में प्रवेश मिलेगा। इस दौरान भक्त दूर से ही बाबा विश्वनाथ का झांकी दर्शन और जलाभिषेक कर सकेंगे। किसी भी भक्त को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्पर्श दर्शन पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी।

महाशिवरात्रि पर स्थगित रहेंगे प्रोटोकॉल दर्शन

महाशिवरात्रि पर भीड़ को देखते हुए बाबा विश्वनाथ के प्रोटोकॉल दर्शन पर भी रोक रहेगी। मंदिर प्रशासन ने सभी तरह के प्रोटोकॉल दर्शन को स्थगित कर दिया है। भक्त सिर्फ लाइन में खड़े होकर बाबा दरबार तक जा सकेंगे और उनका दर्शन कर सकेंगे।

एमर्जेंसी के लिए मंदिर में तैनात रहेंगे डॉक्टर

मंदिर के सेवादार भक्तों के सेवा के लिए पूरे दिन धाम परिसर में तैनात रहेंगे। वहीं, मंदिर परिसर में फिलहाल जिग जैक बैरिकेडिंग भी लगाई गई है। इसके अलावा 24 घण्टे इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी धाम क्षेत्र में डॉक्टरों की तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी आपात समय में शिवभक्तों को फौरन चिकित्सीय सुविधा दी जा सके।

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