Last Ekadashi of 2025: पौष का महीना हिंदु धर्म में खास महत्व रखता है। यह एक पवित्र महीना है, क्योंकि इस दौरान कई बड़े व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं, जिसमें पुत्रदा एकादशी भी शामिल है। एकादशी तिथि माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस एकादशी तिथि पर संतान प्राप्ति के लिए भी व्रत रखा जाता है। पुत्रदा एकादशी साल में दो बार मनाई जाती है, एक बार सावन के महीने में और एक बार पौष में। माना जाता है कि इस व्रत से मिलने वाले पुण्य से सुख, सौभाग्य और वंश में वृद्धि होती है। यही वजह है कि संतान प्रप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति सावन और पौष दोनों महीने पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं।
